हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में ग्रहक को 32 ग्राम सोना लेकर नए कड़े नहीं बनाना एक ज्वेलरी कारोबारी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कपूर ज्वेलर्स और उससे जुड़े लोगों को ग्राहक का 32 ग्राम सोना लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने होंगे। यानी कारोबारी को कुल 35 हजार रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
कांगड़ा जिला उपभोक्ता आयोग ने 3 अगस्त को दिए फैसले में ज्वेलर्स की इस हरकत को ग्राहक के साथ सेवा में लापरवाही और गलत व्यापार व्यवहार माना। यह मामला पालमपुर के पास पपरोला स्थित कपूर ज्वेलर्स से जुड़ा है। आयोग ने ज्वेलर्स को 60 दिनों के अंदर ग्राहक का सोना वापस करने का आदेश दिया है।
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क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, राज कुमार के कपूर ज्वेलर्स के मालिकों से पारिवारिक और कारोबारी संबंध थे। उन्होंने 1 सितंबर 2023 को अपने 32 ग्राम वजन के दो पुराने सोने के कड़े ज्वेलर को दिए थे। राज कुमार ने इन कड़ों को पिघलाकर आधुनिक डिजाइन के 40 ग्राम वजन वाले नए कड़े बनाने को कहा था। दुकानदार ने दो महीने के भीतर नए कड़े तैयार कर देने का भरोसा दिया था। दुकानदार समय बीतने के बाद भी कड़े नहीं बनाए गए। राज कुमार कई बार दुकान पहुंचे लेकिन हर बार काम में देरी की अलग-अलग वजह बताई गई।
2024 में कारोबार चला रहे संजय कपूर की मौत के बाद उनके परिवार ने दुकान की जिम्मेदारी संभाल ली। इसके बाद राज कुमार ने नए कड़े देने या उनका 32 ग्राम सोना वापस करने की मांग की। आरोप है कि करीब एक साल तक मामला टाला जाता रहा। 29 सितंबर 2025 को दुकानदारों ने सोना लौटाने या नए कड़े देने से इनकार कर दिया। इसके बाद राज कुमार ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने 32 ग्राम सोना लौटाने के साथ नए कड़ों के लिए तय अतिरिक्त 8 ग्राम सोने की कीमत, मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी मांगा। ज्वेलर्स ने शिकायत का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने राज कुमार से कोई सोना नहीं लिया था। उनका दावा था कि इस लेन-देन की कोई रसीद या अनुमान भी जारी नहीं किया गया।
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आयोग ने सुनाया फैसला
आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य आरती सूद व नारायण ठाकुर की पीठ ने शिकायतकर्ता की ओर से पेश दस्तावेजों को देखा। आयोग ने माना कि पेश की गई रसीद से 32 ग्राम सोना ज्वेलर्स को दिए जाने की बात साबित होती है। आयोग ने कहा कि कारोबार संभालने वाले परिवार के सदस्य अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। ग्राहक का सोना अपने पास रखना और न तो नए कड़े बनाना और न ही सोना वापस करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है।
आयोग ने सभी संबंधित पक्षों को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए 60 दिनों में 32 ग्राम सोना लौटाने का आदेश दिया। साथ ही 25 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने को कहा।