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कांगड़ा चाय की विदेशों में धूम, जर्मनी और फ्रांस के लोग कर रहे पसंद

हिमाचल के धर्मशाला की कांगड़ा चाय का स्वाद अब सात समंदर पार भी खूब पसंद किया जा रहा है। जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में इसकी जबरदस्त मांग बढ़ रही है।

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हिमाचल में चाय के बागान। Photo Credit: hptourtravel

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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में उगने वाली कांगड़ा चाय अब सात समंदर पार भी अपनी खुशबू बिखेर रही है। धर्मशाला की ब्लैक टी जर्मनी के लोगों को बहुत पसंद आ रही है जबकि फ्रांस के बाजारों में उलोंग और स्मोक टी ने अपनी खास जगह बना ली है। अपनी बेहतरीन खुशबू और पहाड़ी जलवायु के मेल की वजह से यह चाय अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान बना रही है।

 

इस साल धर्मशाला चाय उद्योग में अब तक करीब 91 हजार किलोग्राम चाय का उत्पादन हुआ है। इसमें से लगभग 78 हजार किलोग्राम चाय कोलकाता भेजी जा चुकी है और करीब 58 हजार किलोग्राम चाय बिक भी चुकी है। फिलहाल चाय के दाम पिछले साल जितने ही चल रहे हैं। हालांकि, प्रबंधन को उम्मीद है कि अक्टूबर में देश और विदेश में मांग बढ़ने से कीमतों में सुधार हो सकता है।

 

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धर्मशाला की कांगड़ा चाय विदेशों में मशहूर

धर्मशाला चाय उद्योग के उत्पादन प्रबंधक सुजीत राय के मुताबिक, यहां मुख्य रूप से ब्लैक ऑर्थोडॉक्स टी और ब्लैक टी बनाई जाती है। इसके अलावा ग्रीन टी और उलोंग टी भी तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि धर्मशाला की ब्लैक टी जर्मनी में बहुत पसंद की जाती है जबकि फ्रांस में उलोंग टी की मांग है। धर्मशाला में तैयार होने वाली स्मोक टी भी फ्रांस के बाजार में अपनी अलग पहचान बना रही है।

सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद

कांगड़ा चाय का स्वाद और महक तो अच्छी होती ही है लेकिन इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इसे सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद बनाते हैं। अगर इसे सही मात्रा में और ज्यादा चीनी मिलाए बिना पिया जाए तो शरीर को अच्छे तत्व मिलते हैं। ब्लैक टी, ग्रीन टी और उलोंग टी में ये प्राकृतिक गुण अलग-अलग मात्रा में होते हैं। हालांकि चाय को किसी बीमारी की दवा नहीं मानना चाहिए और ज्यादा चीनी या बहुत ज्यादा पीने से इसके फायदे कम हो जाते हैं। यही वजह है कि लोग अब कांगड़ा चाय को सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत और अच्छी जीवनशैली के लिए पसंद कर रहे हैं।

 

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पहाड़ का स्वाद बना वैश्विक पहचान

कांगड़ा चाय की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतरीन महक और स्वाद है। पहाड़ों के मौसम में तैयार होने वाली यह चाय आम चाय से अलग स्वाद देती है। अब कांगड़ा की चाय सिर्फ हिमाचल की पहचान नहीं रही बल्कि जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों में भी अपनी अलग पहचान बना रही है।

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