logo

मूड

ट्रेंडिंग:

IAS दिव्या मित्तल को पेंशन मिलेगी या नहीं, क्या कहते हैं सर्विस नियम?

IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या नौकरी छोड़ने वाले अधिकारियों को पेंशन मिलती है। जानिए पेंशन से जुड़े सभी सरकारी नियम।

IAS Divya Mittal

IAS दिव्या मित्तल। Photo Credit: DivyaMittal/X

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश की चर्चित इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस  (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद अब यह सवाल सामने आ रहा है कि क्या बीच में नौकरी छोड़ने वाले अधिकारियों को पेंशन का फायदा मिलता है या नहीं। राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर काम कर रही दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। उन्होंने साल 2013 की यूपीएससी परीक्षा में 68वीं रैंक हासिल की थी और इसके बाद वह इस सेवा में चुनी गई थीं।

 

किसी भी आईएएस अधिकारी को इस्तीफा देने या रिटायर होने के बाद पेंशन मिलेगी या नहीं और कितनी राशि मिलेगी। यह मुख्य रूप से कुछ जरूरी बातों पर निर्भर करता है। इसमें अधिकारी के काम करने के कुल साल, उनका इस्तीफा किस तारीख से लागू हुआ, उनका त्यागपत्र किस नियम के तहत स्वीकार किया गया और वे किस पेंशन योजना के अंतर्गत आते हैं, ये सभी बातें तय करती हैं कि उन्हें पेंशन का लाभ मिलेगा या नहीं।  

 

यह भी पढ़ें: 1 लाख व्यूज लाओ, 10 हजार पाओ..., बिहार सरकार लाई क्रिएटर्स के लिए तगड़ी स्कीम

पेंशन मिलेगा या नहीं?

सामान्य तौर पर जो अधिकारी तय नियमों के तहत वॉलेंट्री रिटायरमेंट स्कीम (VRS) लेते हैं वे पेंशन के हकदार होते हैं। सरकार ने नए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की जगह 1 जनवरी 2004 से नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस लागू कर दिया है।  जो अधिकारी 1 जनवरी 2004 से पहले आईएएस सर्विस में शामिल हुए थे उनकी रिटायरमेंट की आय सरकार द्वारा पक्की होती है। इन अधिकारियों को सेवा के दौरान अपनी सैलरी से कुछ भी अलग से देने की जरूरत नहीं होती है। हालांकि पुरानी पेंशन के तहत पूरी पेंशन पाने के लिए भी कुछ नियम तय किए गए हैं और इसका लाभ सिर्फ उन्हीं अधिकारियों को मिलता है जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले सर्विस ज्वाइन की थी। दिव्या मित्तल ने इन शर्तों को पूरा नहीं किया है, इसलिए पेंशन नहीं मिल सकती है।

CCS पेंशन नियम 1972 का रूल 49

सेंट्रल सिविल सर्विसेज पेंशन नियम 1972 के रूल 49 के अनुसार, पूरी पेंशन पाने के लिए कम से कम 20 साल तक काम किया होना जरूरी है। जो अधिकारी 10 से 20 साल के बीच की सेवा के बाद रिटायर होते हैं या सर्विस छोड़ते हैं उन्हें नियमों के तहत कम लाभ मिलता है। दूसरी ओर जो अधिकारी 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद आईएएस में शामिल हुए उन्हें पूरी तरह से अलग सिस्टम के तहत पेंशन दी जाती है। उनकी पेंशन की राशि सीधे तौर पर शेयर बाजार से मिलने वाले रिटर्न पर पूरी तरह निर्भर करती है।  

 

यह भी पढ़ें: सिजोफ्रेनिया से पीड़ित था बेटा, पिता ने मारकर कंटेरनर में डाल दिया

यूनिफाइड पेंशन स्कीम 2024 के नए नियम

यूनिफाइड पेंशन स्कीम के नए नियमों के तहत 25 साल या उससे ज्यादा नौकरी करने वाले कर्मचारियों को उनकी ऐवरेज बेसिक सैलरी का 50%  हिस्सा पक्का मिलता है। अगर किसी कर्मचारी ने 10 से 25 साल तक की ही नौकरी की है तो उसे मिलने वाली पेंशन कम हो जाती है। इसे निकालने का तरीका बहुत आसान है जिसमें नौकरी के कुल सालों को 25 से भाग देकर बेसिक सैलरी के 50%  से गुणा किया जाता है।


और पढ़ें