मध्य प्रदेश के ग्वालियर से मोबाइल फोन में ब्लास्ट का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक मरीज डॉक्टर को दिखाने के लिए क्लिनिक पहुंचा था। वह वेटिंग एरिया में बैठकर मोबाइल फोन चला रहा था। इसी दौरान अचानक उसके हाथ में फोन फट गया और उसमें आग लग गई। धमाके के बाद क्लिनिक में धुआं फैल गया और वहां मौजूद मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना के वक्त क्लीनिक में नवजात बच्चे भी मौजूद थे। गनीमत रही कि स्टाफ ने तुरंत आग बुझा दी और किसी को चोट नहीं आई। यह पूरी घटना क्लिनिक में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।
ग्वालियर की यह घटना कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले छह महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से मोबाइल फोन या उसकी बैटरी फटने की करीब 10 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें से 3 मामलों में मौत की भी खबर है। इन 10 घटनाओं में हादसों के तीन अलग-अलग कारण सामने आए हैं। कुछ मामलों में फोन जेब में रखा हुआ था, तो कुछ में चार्जिंग के दौरान या पुरानी बैटरी के कारण हादसा हुआ। हालांकि, जेब में रखे फोन में ब्लास्ट होने के मामले सबसे अधिक हैं। इस लेख में हर घटना के पीछे की वजह समझते हुए मोबाइल फोन में हो रहे ब्लास्ट के असल कारणों को जानने की कोशिश करेंगे।
जेब में रखा फोन बन सकता है घातक
बीते 21 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फोन की बैटरी फटने से एक शख्स की मौत हो गई थी। विकास बाइक चला रहे थे और अचानक उनके फोन की बैटरी में धमाका हो गया। इस धमाके के कारण विकास बाइक का संतुलन नहीं संभाल सके और सड़क पर गिर गए। गिरने की वजह से उनके सीने और सिर पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय पुलिसकर्मियों ने विकास को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
18 जुलाई को मध्य प्रदेश से भी ऐसी ही खबर सामने आई थी। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में बाइक चलाते समय एक युवक की पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन अचानक फट गया। धमाका इतना तेज था कि युवक के कपड़ों में आग लग गई। इसके बाद बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिरकर करीब 12 फीट तक घिसटता चला गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जून के महीने में राजस्थान के जोधपुर से मोबाइल फटने की एक खबर सामने आई थी। यहां एक व्यापारी अपनी किराना की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान उनकी जेब में रखे मोबाइल में अचानक ब्लास्ट हो गया। इससे उनकी जांघ और उंगलियां झुलस गईं। उन्होंने बताया था कि उनका फोन 87 फीसदी चार्ज था और बैटरी भी गर्म नहीं थी। दिल्ली से भी ऐसी ही एक खबर सामने आई थी। जहांगीरपुरी में एक मोबाइल दुकान के काउंटर पर रखा फोन अचानक फट गया। धमाके के बाद पूरी दुकान में धुआं फैल गया।
अगस्त में ग्रेटर नोएडा में भी एक व्यक्ति की जेब में रखा सैमसंग फोन फटने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। इन घटनाओं से पता चलता है कि मोबाइल में खराबी आने पर वह इस्तेमाल के दौरान ही नहीं, बल्कि जेब में रखे होने पर भी खतरा पैदा कर सकता है।
चार्जिंग के दौरान फोन ब्लास्ट
अक्टूबर के आखिरी दिनों में आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के पाजार्ला गांव में चार्जिंग पर लगा मोबाइल फट गया। फोन घर में चार्जिंग पर लगा था और परिवार के लोग बाहर गए हुए थे। धमाके के बाद घर में आग फैल गई। इससे घरेलू सामान जल गया और दीवारों में भी दरारें आ गईं। उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था, इसलिए जान का नुकसान नहीं हुआ।
जून की शुरुआत में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मोबाइल की पुरानी बैटरी फटने से एक साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चा घर के बाहर दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों को एक पुरानी मोबाइल बैटरी मिली। बताया गया कि बैटरी में धमाका होने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बैटरी के टर्मिनल आपस में संपर्क में आने से उसमें धमाका हुआ हो सकता है।
जुलाई में तेलंगाना के आसिफाबाद जिले में मोबाइल की बैटरी फटने से 14 साल के लोकेश की मौत हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, वह बैटरी को ठीक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसने बैटरी को दांत से दबाया और उसमें धमाका हो गया। गंभीर चोट लगने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मोबाइल फोन में ब्लास्ट होने की वजह क्या हो सकती है?
मोबाइल फोन में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है। यह बैटरी कम जगह में ज्यादा ऊर्जा स्टोर करती है लेकिन बैटरी को नुकसान पहुंचने, उसमें खराबी आने या ज्यादा गर्म होने पर आग लगने का खतरा हो सकता है। कई बार बैटरी के अंदर शॉर्ट सर्किट होने से भी ऐसी स्थिति बन सकती है।
फोन गिरने या दबने से बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है। खराब या अनधिकृत चार्जर और केबल का इस्तेमाल भी जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, हर ब्लास्ट के पीछे एक ही वजह नहीं होती। किसी घटना की सही वजह जानने के लिए फोन और उसकी बैटरी की तकनीकी जांच जरूरी होती है।
फोन इस्तेमाल करते समय रखें ध्यान
फोन इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। कंपनी के सुझाए गए चार्जर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। अगर फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो उसका इस्तेमाल तुरंत रोक देना चाहिए। बैटरी फूलने पर फोन का इस्तेमाल न करें और उसे जांच के लिए सर्विस सेंटर ले जाएं। फोन को तकिए या बिस्तर के नीचे रखकर चार्ज नहीं करना चाहिए।