हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भांग और अफीम के पौधों को खत्म करने के लिए सरकार एक नया तरीका अपनाने जा रही है। इसके तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर केमिकल वीडिसाइड यानी घास-फूस और बेकार पौधों को नष्ट करने वाली दवा का इस्तेमाल किया जाएगा। फार्म साइंस सेंटर बजौरा इसकी पूरी जांच करेगा और वन विभाग अपने इलाकों में जमीन पर नजर रखकर लगातार रिपोर्ट देगा।
कुल्लू जिले में नशे को रोकने के लिए जिला स्तरीय नार्को को-ऑर्डिनेशन कमेटी की एक बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) सुरजीत सिंह राठौर ने की। इसमें पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर, जिला पर्यटन विकास अधिकारी
रोहित शर्मा
और कई अन्य बड़े अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य मकसद जिले से अवैध भांग और अफीम की खेती को पूरी तरह मिटाना और नशे के कारोबार को रोकना था।
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जनता की भागीदारी
एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को और बेहतर बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें। बैठक में पुरानी बैठकों में लिए गए फैसलों की भी समीक्षा की गई। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कहा कि नशे को रोकना सिर्फ पुलिस या प्रशासन का काम नहीं है बल्कि इसमें समाज, पंचायत के लोग, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संस्थाएं और आम जनता सभी को मिलकर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों को जागरूक करने के कार्यक्रम तेजी से चलाए जाएं और युवाओं को खेलकूद व अन्य अच्छी गतिविधियों में व्यस्त रखा जाए। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए सभी विभाग आपस में जानकारी शेयर करें और बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाएं।
बैठक में यह तय हुआ कि आने वाली बैठकों में एसएसबी और आईटीबीपी के बड़े अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि सुरक्षा बलों की मदद मिल सके। इसके अलावा, जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व विभाग के पास अटके हुए 23 आवेदनों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
नशा निवारण समितियों की बैठक
नशे के प्रसार को रोकने के लिए जिले की 28 चिन्हित संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठक जरूरी रूप से पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित करने का फैसला लिया गया। पुलिस विभाग को प्रत्येक थाना क्षेत्र में हॉटस्पॉट्स चिन्हित कर गश्त बढ़ाने तथा स्थानीय होटलों की नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। युवाओं को इस सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए नशा विरोधी मैसेज के साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन पर भी ध्यान दिया गया।
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बच्चों में बढ़ते नशे पर रोक
बैठक में 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में अल्कोहल, सिगरेट और तंबाकू के बढ़ते चलन पर गंभीर चिंता जताई गई। इसके समाधान हेतु आबकारी और पुलिस विभाग को निर्देश जारी किए गए कि वे शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू, सिगरेट, फ्लेवर्ड टॉफी, चॉकलेट और हुक्का पार्लरों पर कड़ी नजर रखें तथा कोटपा अधिनियम के तहत नियम उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक चालान करना सुनिश्चित करें। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित विभागों को जिले में नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम करने का साफ निर्देश दिया।
वीडिसाइड एक दवा होती है। इसे खरपतवार नाशक कहते हैं। किसान इसका उपयोग खेतों में फसल के साथ उगने वाले अवांछित और हानिकारक पौधों या घास-फूस को नष्ट करने के लिए करते हैं। यह मुख्य फसल को नुकसान पहुंचाए बिना सिर्फ बेकार पौधों को मारता है।