उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राएं स्कूल की खराब सुविधाओं से बहुत परेशान थीं। सोमवार की सुबह जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो छात्राएं स्कूल के गेट से बाहर निकल आईं और अपनी मांगों को लेकर सीधे सड़कों पर उतर गईं जिससे वहां भारी अफरा-तफरी मच गई और आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कत हुई।
लखनऊ के पारा इलाके के स्कूल परिसर से सुबह बाहर निकलकर छात्राओं ने अव्यवस्थाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वे जुलूस लेकर दुबग्गा बाईपास पहुंचीं और वहां विरोध जताया। वहां से आगे बढ़ते हुए छात्राएं बालागंज चौराहा पहुंचीं और सड़क के बीचों-बीच घेरा बनाकर बैठ गई। छात्राओं के जोरदार प्रदर्शन और 'हाय-हाय' के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस दौरान चौराहे के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल में सिर्फ खराब सुविधाएं ही नहीं थीं बल्कि पढ़ाई के लिए शिक्षकों की भारी कमी भी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई थी।
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अधिकारियों का आश्वासन
जब पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को इस प्रदर्शन के बारे में पता चला तो वे तुरंत मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के इस ठोस आश्वासन के बाद सुबह करीब 10 बजे छात्राएं शांत हुईं और उन्होंने धरना खत्म किया जिसके बाद मार्ग पर यातायात दोबारा बहाल हो सका।
इस विद्यालय में सुविधाओं को लेकर विरोध पहले भी हो चुका है। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी इसी सर्वोदय विद्यालय के छात्रों ने पारा इलाके में अव्यवस्थाओं को लेकर जोरदार हंगामा किया था। उस दौरान कन्नौज जा रहे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और विभाग के निदेशक अनुराग यादव ने खुद मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की थी।
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उन्होंने जल्द व्यवस्थाएं सुधारने का आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त कराया था। मंत्री और अधिकारियों के भरोसा दिलाने के बाद भी स्कूल की हालत नहीं सुधारी गई। पुरानी दिक्कतें वैसी ही बनी रहीं जिसके बाद मजबूर होकर छात्राओं को सोमवार को फिर से विरोध करना पड़ा।