कुल्लू दशहरा: इस बार कितना बढ़ा देवता और बजंतरियों का नजराना?
कुल्लू दशहरा के समापन पर CM सुक्खू ने देवताओं के नजराने और बजंतरियों के मानदेय में बढ़ोतरी का एलान किया है। उन्होंने सीवरेज के लिए 22 करोड़ और सड़कों के लिए अतिरिक्त बजट देने की भी घोषणा की।

कुल्लू दशहरा में भगवान रघुनाथ का भव्य रथ, Photo Credit- Khabargaon
कुल्लू दशहरा के सात दिवसीय देव समागम का समापन सिर्फ सांस्कृतिक रंगों और देव परंपराओं के साथ ही नहीं, बल्कि देवी-देवताओं, बजंतरियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई घोषणाओं के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा-2026 के समापन समारोह में देवी-देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत और बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। साथ ही देवताओं के मुख्य गूर को 1100 रुपये सम्मान राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के साथ क्षेत्र के विकास पर भी जोर रहा। भुंतर में विद्युत सब-डिवीजन खोलने, सीवरेज व्यवस्था के लिए 22 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने और सड़क संपर्क सुधारने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने का ऐलान किया गया। इससे कुल्लू दशहरा के समापन समारोह में देव संस्कृति के संरक्षण के साथ बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।
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देव समाज और बजंतरियों को क्या मिला?
कुल्लू दशहरा में देवी-देवताओं की भागीदारी इस आयोजन की विशिष्ट पहचान है। देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत वृद्धि और बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा इसी परंपरा से जुड़े लोगों के लिए अहम है। देवताओं के मुख्य गूर को 1100 रुपये की सम्मान राशि भी दी जाएगी। दशहरा उत्सव में भाग लेने वाले महिला मंडलों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रतिभागी महिला मंडल को 35-35 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। यह पहल उत्सव में महिलाओं की भागीदारी और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने से जुड़ी है।
भुंतर में विद्युत सब-डिवीजन, सीवरेज के लिए 22 करोड़
कुल्लू जिले में बिजली और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। भुंतर में विद्युत सब-डिवीजन खोलने का ऐलान किया गया। इसके अतिरिक्त विद्युत कमांड-बारा मार्ग के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। भुंतर में सीवरेज प्रणाली के निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने की बात कही गई। तेजी से बढ़ती आबादी, पर्यटन गतिविधियों और शहरी जरूरतों के लिहाज से सीवरेज व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिला के लेफ्ट बैंक को जोड़ने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये और मणिकर्ण सड़क के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि देने की घोषणा भी की। इन घोषणाओं के धरातल पर उतरने से सड़क संपर्क और यातायात सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। बजौरा स्कूल में विज्ञान भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत करने की घोषणा भी की गई।
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जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का आश्वासन
कुल्लू जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के संबोधन में शामिल रहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार पर्याप्त धनराशि देगी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति का आश्वासन दिया गया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में विश्वस्तरीय तकनीक की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की बात कही। पहाड़ी जिले में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलना और उन्हें बड़े अस्पतालों तक ले जाने की जरूरत कम होना स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़ी बड़ी अपेक्षाएं हैं। हालांकि, विशेषज्ञों की नियुक्ति और नई सुविधाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा का ऐलान नहीं किया गया।
अदरक का MSP 40 रुपये करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर जल्द ही 40 रुपये किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हिमाचल में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि और बागवानी पर निर्भर है। ऐसे में फसलों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करना किसानों की आय से जुड़ा अहम सवाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जल्द कई योजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी। हालांकि, अदरक के एमएसपी में प्रस्तावित वृद्धि की प्रभावी तारीख, खरीद व्यवस्था और पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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आपदा के जख्म और पुनर्वास का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 की आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुल्लू जिले में भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि उस दौरान मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ सरकार ने प्रभावितों तक राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम किया। उन्होंने आपदा के दौरान पर्यटकों की सहायता के लिए कुल्लू के लोगों के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि इसे देश-विदेश के लोग कभी नहीं भुला पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावितों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों और कानूनों में बदलाव किए गए। उनके अनुसार, घर निर्माण के लिए अनुदान राशि डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई है, ताकि प्रभावित परिवारों का बेहतर पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने सभी वर्गों से इसमें सहयोग देने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच बनता कुल्लू दशहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू दशहरा का आयोजन लगातार अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले रहा है और इसे हर साल बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प उत्सव के आयोजन में भी दिखाई देता है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों की भागीदारी ने उत्सव को वैश्विक पहचान देने का प्रयास किया। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्सव के आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए सरकार ने निर्देश दिए थे और सभी वर्गों ने सहयोग किया।
उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक दलों को विदेशों में भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके। विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मुख्यमंत्री का कुल्लू आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और अनाथ बच्चों सहित विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने निकाला कार्निवाल
समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल्लू कार्निवाल को हरी झंडी दिखाई। इसमें 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने भाग लिया। कार्निवाल में स्थानीय संस्कृति, लोक कला और सामूहिक भागीदारी की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भुट्टी विवर्ज सांस्कृतिक दल को प्रथम, सूत्रधार कला संगम को दूसरा और युवा कला मंच को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, मिल्कफेड अध्यक्ष बुद्धि सिंह, एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व विधायक किशोरी लाल, जिला अध्यक्ष सेस राम आजाद, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंघमार, मंडल आयुक्त आरके प्रुथी, उपायुक्त अमित शर्मा, पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। कुल मिलाकर, कुल्लू दशहरा के समापन पर हुई घोषणाओं ने देव परंपरा के सम्मान से लेकर बिजली, सड़क, सीवरेज, स्वास्थ्य और ग्रामीण आय तक कई मुद्दों को एक साथ सामने रखा। अब इन घोषणाओं के अमल और तय समयसीमा पर क्षेत्र की निगाहें रहेंगी।
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