उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित ग्राम जन चौपाल कार्यक्रम उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संबोधन के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। मंच पर भाषण दे रहे डिप्टी सीएम को बीच में ही रुकना पड़ा और पूरे कार्यक्रम में अव्यवस्था का माहौल बन गया। करीब 15 से 20 मिनट तक बिजली आपूर्ति ठप रहने और जनरेटर में डीजल न होने जैसी लापरवाही ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। हालात इतने बिगड़े कि उपमुख्यमंत्री को खुद अधिकारियों से जवाब तलब करना पड़ा और मंच से ही कार्रवाई के निर्देश देने पड़े। इस घटना के बाद कार्यक्रम में मौजूद भीड़ भी असहज हो गई और कई लोग जाने लगे, जिससे प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं को स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।
यह घटना शुक्रवार को फतेहाबाद के सती मंदिर परिसर में आयोजित ग्राम जन चौपाल कार्यक्रम के दौरान हुई। स्वागत कार्यक्रम के बाद जैसे ही उपमुख्यमंत्री ने बोलना शुरू किया, वह मुश्किल से पांच मिनट ही बोल पाए थे कि अचानक बिजली कट गई। डिप्टी सीएम ने तुरंत पार्टी पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से इसकी वजह पूछी। इसके बाद सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और जिलाधिकारी सभी जनरेटर रूम की ओर जाते दिखे। जांच में पता चला कि जनरेटर में डीजल नहीं था। ऐसे में टेंट हाउस मालिक की मुश्किलें बढ़ गईं।
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आनन-फानन में आया डीजल, 15 मिनट बाद आई बिजली
जल्दी-जल्दी कर्मचारियों को डीजल लाने के लिए भेजा गया। करीब पंद्रह से बीस मिनट बाद बिजली बहाल हो सकी। बिजली आने के बाद उपमुख्यमंत्री ने मंच से ही लापरवाही को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। लंबे समय तक इंतजार के चलते कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग कुर्सियों से उठकर जाने लगे। हालांकि, बीजेपी कार्यकर्ताओं और खुद उपमुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर और इशारे से लोगों को रोकने की कोशिश की।
कार्यक्रम का समय इस तरह रहा
- दोपहर 2:45 बजे उपमुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पहुंचे
- 3:30 बजे उन्होंने संबोधन शुरू किया
- 3:35 बजे बिजली चली गई
- 3:55 बजे बिजली सप्लाई दोबारा शुरू हुई
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केशव मौर्या ने बताई जीरामजी एक्ट की खूबी
अपने संबोधन में केशव प्रसाद मौर्य ने जीरामजी एक्ट की खूबियों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में यह नया कानून बनाया गया है। इसे उन्होंने ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि आने वाले समय में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर स्मार्ट गांव भी विकसित होंगे। मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम नहीं काटे गए हैं, बल्कि जोड़ने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। अगर किसी का नाम छूटा है तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है।