बिहार के मधेपुरा जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद अचानक करीब 60 बच्चे बीमार पड़ गए। यह घटना जिले के गम्हरिया प्रखंड के दहा गांव स्थित स्कूल में हुई है। खाना खाने के आधे घंटे बाद ही बच्चों को उल्टी होने लगी, पेट में दर्द होने लगा और घबराहट शुरू हो गई। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया। बच्चों के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग तुरंत स्कूल पहुंच गए। सभी बीमार बच्चों को गाड़ी से पास के अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।
इस घटना की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग के लोग तुरंत स्कूल पहुंच गए। बड़े अधिकारी के कहने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए खाना बनाने वाली महिला को काम से हटा दिया गया। साथ ही, स्कूल के हेडमास्टर को नोटिस भेजकर इस बारे में जवाब मांगा गया है लेकिन गांव के लोग और बच्चों के माता-पिता इस कार्रवाई से खुश नहीं हैं।
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उनका कहना है कि क्या सिर्फ खाना बनाने वाले को हटा देने और हेडमास्टर से पूछ लेने से बात खत्म हो जाती है? लोगों का सवाल है कि अगर खाने में कोई कमी थी तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ खाना बनाने वाले की ही क्यों हो? खाना कहां से आया था, उसकी जांच किसने की थी और रसोई की साफ-सफाई कौन देखता है? लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि स्कूलों में रसोई, राशन रखने की जगह और साफ-सफाई की जांच समय-समय पर कौन अधिकारी करता है। अगर देखरेख सही होती तो ऐसा नही होता।
खाने के नियमों पर उठे सवाल
नियम के मुताबिक बच्चों को खाना देने से पहले शिक्षकों को खुद वह खाना चखकर देखना चाहिए कि वह ठीक है या नहीं। इसके बाद ही खाना बच्चों को दिया जाता है। माता-पिता का कहना है कि वे अपने बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ अच्छा खाना मिलने की उम्मीद से स्कूल भेजते हैं। जब स्कूल का खाना ही ठीक नहीं रहेगा तो लोग कैसे भरोसा करेंगे।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस मामले की अच्छी तरह से जांच की जाए। यह भी देखा जाए कि राशन कहां से आया, गोदाम में कैसे रखा गया, खाना कैसे बना और इस सबकी देखरेख करने वाले अधिकारी क्या कर रहे थे। अगर किसी अधिकारी की गलती सामने आती है तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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फिलहाल शिक्षा विभाग ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए खाना बनाने वाली महिला को हटा दिया है और हेडमास्टर से जवाब मांगा है। अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच करने वाली टीम ने भी स्कूल से खाने और कच्चे सामान के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारी ने कहा है कि जो भी दोषी पाया जाएगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा। जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।