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'नाम डंकी, जाति जानवर', MP में गधे को जारी हो गया नर्सिंग सर्टिफिकेट

मध्य प्रदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन के ऑनलाइन सिस्टम से एक गधे के नाम पर नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। Photo Credit- Chatgpt

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मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का नारा है- 'एमपी अजब है, सबसे गजब है'। इसी नारे को सच करते हुए एक एमपी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, मध्य प्रदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन के ऑनलाइन सिस्टम से एक गधे के नाम पर नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी हो गया। यह मामला सामने आने के बाद चर्चा में आ गया है।

 

मामला मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की ऑनलाइन का है। जानकारी के मुताबिक राज्य के NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने इस गड़बड़ी की जांच के लिए एक टेस्ट आवेदन किया था। रवि का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाकर उनका मकसद यह पता लगाना था कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन के दौरान आवेदकों की जानकारी और दस्तावेजों की जांच किस तरह से की जाती है।

 

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गधे की लगाई फोटो

यह जांचने के लिए रवि परमार ने ऑनलाइन फॉर्म में एक गधे (Donkey) की फोटो लगाई और नाम के कॉलम में डंकी लिख दिया। फॉर्म में इतनी गलत जानकारी भरने के बाद भी विभाग ने आवेदन स्वीकार कर लिया। रवि परमार ने इसके लिए ऑनलाइन 2,050 रुपये की फीस जमा की। फीस जमा करते ही रवि परमार को फौरन कुछ मिनटों में ही नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जारी हो गया। 

 

यह मामला सामने आने के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डंकी का फादर-मदर कौन?

सर्टिफिकेट रवि परमार ने अपने टेस्ट आवेदन में आवेदक का नाम डंकी दर्ज किया था। फोटो की जगह गधे की फोटो लगाई थी। पिता के नाम वाले कॉलम में डंकी फादर, मां के नाम में डंकी मदर और जाति के कॉलम में एनिमल लिखा गया था। इतना ही नहीं, आवेदन में गलत पता भी दर्ज किया गया था, लेकिन इसके बावजूद रवि को सर्टिफिकेट मिल गया। 

 

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इसके अलावा ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी में गड़बड़ी की गई। 10वीं और 12वीं के नंबर और रोल नंबर भी मनमाने तरीके से भरे गए। इन गलत जानकारियों के बावजूद पोर्टल ने आवेदन को खारिज नहीं किया, बल्कि स्वीकार कर लिया। फीस जमा होने के कुछ मिनटों के भीतर ही सर्टिफिकेट जारी हो गया।

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