मुंबई के रहने वाले एक शख्स को एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने हिरासत में लिया। उस पर अलग-अलग सोशल मीडिया ग्रुप में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के वीडियो पोस्ट करने का आरोप है। आरोपी दो समुदाय के बीच नफरत फैलाने वाले कंटेंट को भी पोस्ट करता था। आरोपी की पहचान 32 वर्षीय मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के तौर पर हुई है। वह बाइक चलाकर गुजर बसर करता था।
21 अक्टूबर को एटीएस को इनपुट मिला कि माहिम के एलजे रोड में रहने वाला एक शख्स पाकिस्तान के खुफिया एजेंट से जुड़ा है। इसी सूचना के आधार पर एटीएस ने आरोपी को उठाया। हालांकि पूछताछ और प्रारंभिक जांच में उसका कोई पाकिस्तानी लिंक नहीं मिला। इसके बाद एटीएस ने आरोपी को माहिम पुलिस के हवाले कर दिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (1) के तहत मामला दर्ज किया गया।
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पीएम मोदी से जुड़ी पोस्ट पर की आपत्तिजनक टिप्पणी
आरोपी को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की। इसमें पता चला कि उसने टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर अलग-अलग ग्रुप बना रखे थे। वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव था। उसने प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
से जुड़ी एक पोस्ट पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
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कट्टरपंथी ग्रुप से जुड़ा था
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान समर्थित ग्रुप और कुछ कट्टरपंथी समूह का हिस्सा बन गया था। उसके कई पोस्ट दो समुदाय के बीच नफरत को बढ़ावा देने वाले थे। स्थानीय पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। एटीएस ने कहा कि वह आपत्तिजनक कंटेंट करता था। अभी तक पाकिस्तान में किसी के संपर्क में होने का कोई सबूत नहीं मिला है। उसे माहिम पुलिस को सौंप दिया गया है। आगे की जांच स्थानीय पुलिस ही करेगी।