logo

मूड

ट्रेंडिंग:

राजस्थान में ‘दृश्यम’ जैसा हत्याकांड, खेत की खुदाई में मिला कंकाल

बिलाड़ा में एक प्रेमी ने फिल्म 'दृश्यम' देखकर प्रेमिका की हत्या कर दी और शव को खेत में दबा दिया। पुलिस ने 5 महीने बाद आरोपी के खेत की खुदाई कर कंकाल बरामद किया।

Jodhpur Murder Case

राजू गिरी और लीला देवी। Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा कस्बे में एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी और उसके शव को अपने खेत में दबा दिया। आरोपी ने इस योजना को पूरा करने के लिए अजय देवगन की फिल्म दृश्यम को 10 से ज्यादा बार देखा था ताकि पुलिस को चकमा दे सके। इस राज का खुलासा 5 महीने बाद हुआ जब पुलिस ने खेत की खुदाई करके कंकाल बाहर निकाला।

 

बिलाड़ा के पिछियाक गांव का रहने वाला राजू गिरी ट्रेवल एजेंट का काम करता था। करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात ब्यावर की रहने वाली लीला देवी से जैतारण के एक होटल में हुई थी। इसके बाद दोनों प्रेम संबंध में आ गए। इस रिश्ते की वजह से आरोपी की दिव्यांग पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी। राजू अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए अपनी पत्नी के गहने भी उसे दे चुका था। लीला की मांगें लगातार बढ़ती गई और उसने दो लाख रुपए की और मांग कर दी जिससे तंग आकर राजू ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली।

 

यह भी पढ़ें: पतंग पकड़ने के चक्कर में नाले में गिरा बेटा, खोजने के लिए खुद कूद पड़े पिता

खेत में ले जाकर की हत्या

13 मार्च को लीला ब्यावर से राजू के बुलाने पर उसके पास आई। आरोपी उसे अपने घर से करीब 40 किलोमीटर दूर खोखरिया गांव के एक खेत में ले गया। 14 और 15 मार्च की रात को उसने पहले लीला को शराब पिलाई और फिर डंडे से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत के कोने में झाड़ियों के बीच फेंक दिया ताकि जंगली जानवर उसे खा सकें।

 

हत्या के बाद करीब एक महीने तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की क्योंकि आरोपी जानता था कि लीला पहले भी कई बार उसके साथ रह चुकी थी। 11 अप्रैल को मृतका के पिता कालू सिंह ने ब्यावर के साकेत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जब राजू से पूछा तो उसने कहा कि लीला 15 मार्च को उसके पास आई थी और फिर चली गई थी। लीला का फोन भी 15 मार्च तक चालू था पुलिस को उस पर शक नहीं हुआ।

 

करीब 4 महीने बीत जाने के बाद 11 अगस्त को मृतका के बेटे ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से राजू गिरी को पकड़ा और पूछताछ की। इस बार आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया लेकिन वह आश्वस्त था कि जब तक वह खुद नहीं बताएगा, पुलिस को शव नहीं मिलेगा। पुलिस को भटकाने के लिए उसने कई झूठी कहानियां गढ़ीं।

 

पहले उसने कहा कि उसने शव तालाब में फेंक दिया है लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद उसने कहा कि शव को श्मशान घाट में किसी की जलती हुई चिता पर जला दिया गया है लेकिन वहां भी राख में कुछ नहीं मिला। तीसरी बार उसने झूठी कहानी बनाई कि उसने पिछियाक के रहने वाले विजय सिंह नाम के व्यक्ति को 20 हजार रुपए देकर शव ठिकाने लगाने को कहा था। जबकि जांच में सामने आया कि उस व्यक्ति की मौत 8 महीने पहले जनवरी में ही हो चुकी थी।

पांच महीने बाद कंकाल बरामद

पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी मदद ली और देखा कि मृतका का फोन पंद्रह मार्च तक पिछियाक में चालू था। जबकि उससे एक-दो दिन पहले की लोकेशन खोखरिया गांव की थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने खेत में ट्रैक्टर से खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान राजू टूट गया और उसने सच बता दिया।

 

यह भी पढ़ें: बिलासपुर हिंसा: कैसे भड़का विवाद, थाने में क्यों घुसी भीड़? इनसाइड स्टोरी

 

पुलिस ने खेत से लीला का कंकाल, हड्डियां, बैग और आधार कार्ड बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने जनवरी-फरवरी से ही हत्या की योजना बना ली थी और अजय देवगन की फिल्म दृश्यम को दस से ज्यादा बार देखकर शव छिपाने का आइडिया लिया था।

Related Topic:#State News

और पढ़ें