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मणिमहेश यात्रा 2026: हर दिन 5000 लोग कर पाएंगे दर्शन, रजिस्ट्रेशन है जरूरी

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा 4 सितंबर से लेकर 19 सितंबर तक चलने वाली है। हर दिन 5000 लोग दर्शन कर पाएंगे। इसके अलावा जो लोग यात्रा में शामिल होंगे, उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।

Mukesh Repswal

मुकेश रेपस्वाल, Photo Credit- Social Media

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा शुरू होने वाली है। यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी वजह से चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया है कि यात्रा में शामिल होने वाले सभी लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, वरना लोगों को यात्रा में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। भीड़-भाड़ कम करने के लिए हर दिन यात्रा करने वाले भक्तों की संख्या सीमित की गई है, जिसके मुताबिक एक दिन में 5000 लोग दर्शन कर पाएंगे।

 

चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने जानकारी दी है कि श्री मणिमहेश यात्रा 4 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की पवित्र मणिमहेश झील के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए जिला चंबा पहुंचते हैं। इस यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए श्री मणिमहेश ट्रस्ट ने सभी श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया है। अब सवाल उठता है कि इस यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया क्या है? आइए जानते हैं।

 

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कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन?

इस यात्रा का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों को www.manimaheshyatra.hp.gov.in/register पर जाना होगा। जहां कोई भी भक्त आसानी से यात्रा का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, यह रजिस्ट्रेशन केवल 25 से 27 अगस्त 2026 तक ही किए जा सकते हैं। श्री मणिमहेश ट्रस्ट ने हर दिन अधिकतम 5,000 यात्रियों को यात्रा की अनुमति देने का निर्णय लिया है। ऐसे में यात्रा की योजना बनाने वाले श्रद्धालुओं से समय रहते ऑनलाइन पंजीकरण करवाने की अपील की गई है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

जिला प्रशासन एवं श्री मणिमहेश ट्रस्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों, एडवाइजरी और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया गया है। श्रद्धालुओं से यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने तथा प्लास्टिक अथवा अन्य कचरा न फैलाने की अपील भी की गई है, ताकि हिमालयी पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।

 

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जिला प्रशासन ने यह भी बताया है कि 2025 के मानसून के दौरान भरमौर की ओर जाने वाले ट्रैक रूट और सड़क को व्यापक क्षति हुई थी। हालांकि मरम्मत का काम जारी है लेकिन नया तैयार किया गया ट्रैक अभी भी संवेदनशील है। मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा को रद्द अथवा और अधिक प्रतिबंधित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित जानकारी समय पर शेयर की जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन करवाएं, मौसम एवं प्रशासन के जारी एडवाइजरी पर नजर रखें साथ ही सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। 


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