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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 2 कुकी की मौत, 21 नागा बंधकों को करवाया रिहा

मणिपुरे पिछले कुछ सालों से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। एक बार फिर मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू हो गई है। कुकी समुदाय के दो लोगों की लाश मिली है, जबकि नागा समुदाय के 21 बंधकों को सुरक्षित रिहा करवा लिया गया है।

 Manipur Violence

मणिपुर पुलिस। Photo Credit: PTI

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मणिपुर में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। राज्य के उखरुल जिले में कल हिंसा की जानकारी सामने आई। कुकी समुदाय के लोगों ने 21 नागा समुदाय के लोगों को बंधक बना लिया था। इसके अलावा दो कुकी समुदाय के लोग लापता थे। इन हालातों पर राज्य प्रशासन की नजर थी और स्थिति में सुधार की कोशिश की जा रही थी। अब जानकारी सामने आ रही है कि कुकी समुदाय के दो लापता लोगों के शव मिले हैं। यह शव ऐसे समय में मिले हैं जब कुकी समुदाय ने बंधक बनाए गए 21 नागा समुदाय के लोगों को सुरक्षित छोड़ दिया था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन सतर्क हो गए हैं।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों कुकी समुदाय के लोग बुधवार को लापता हो गए थे और गुरुवार को उनके शव पहाड़ी इवारे में मिले। इसी बीच प्रशासन ने 21 बंधक बनाए गए नागा लोगों को छुड़ा लिया। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान विधानसभा में बताया कि बंधकों को छुड़ा लिया गया है और इस मामले को जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया है। हालांकि, दो शव मिलने से  पहले से तनाव झेल रहे मणिपुर में एक बार फिर हालात को गंभीर बना दिया है। 

 

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इलाके में बढ़ा तनाव

जानकारी के अनुसार उखरूल जिले के थावई कुकी गांव के रहने वाले दो लोगों को कथित तौर पर बुधवार को अगवा कर लिया गया था। उनकी पहचान थेंगिन बैते और थंगबोइमांग खोंगसाई के रूप में हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों अपने गांव के पास पानी की पाइपलाइन ठीक करने गए थे, इसी दौरान वे लापता हो गए थे। बाद में उनके शव पहाड़ी इलाके में पाए गए। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

21 नागा को बनाया था बंधक 

 नागा समुदाय के लोग 3 अलग-अलग गाड़ियों में कुकी बाहुल इलाकों से गुजर रहे थे। जैसे ही गाड़ी, शंगकाई इलाके के थवाई कुकी गांव में रुकी, कुकी समुदाय के कुछ लोगों ने गाड़ी रोकी और उन्हें बंधक बना लिया। बंधक बनाए गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस खबर से राज्य में एक बार फिर तनाव पैदा हो गया था। 

 

यह विवाद अफीम की खेती को लेकर शुरू हुआ था। । नागा समुदाय के कुछ लोगों ने अफीम की खेती के खिलाफ अभियान शुरू किया था। एक कुकी किसान को नागा समुदाय के लोगों ने पकड़ लिया था। जवाब में कुकी समुदाय के लोगों ने नागा समुदाय के लोगों को बंधक बना लिया। 

प्रशासन की मदद से रिहा हुए बंधक

21 नागा लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर से राज्य में हड़कंप मच गया। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि बंधकों को जल्द से जल्द सुरक्षित छुड़ाया जाए और जिले में स्थिति को नियंत्रित रखा जाए। इसके बाद प्रशासन और कई सामाजिक संगठनों के प्रयासों से सभी 21 बंधकों को रिहा कर लिया गया। 

तांगखुल नागा समुदाय और कुकी समुदाय में तनाव

ताजा तनाव प्रमुख नागा समुदाय तांगखुल और कुकी समुदाय के लोगों के बीच पैदा हुआ है। शांगकाई गांव के लोगों ने आरोप लगाया है कि 'टंगखुल वॉलंटियर्स' ने पहले कुकी किसानों पर गोलीबारी की, जिसमें एक शख्स घायल हो गया, दो लापता हो गए। नागा समुदाय पर आरोप है कि उन्होंने गोलीबारी की और कुकी समुदाय के लोगों को बंधक बनाया। इसके बाद से इलाके में तनाव चल रहा था। 

 

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मणिपुर में जातीय संघर्ष 

मणिपुर पिछले कुछ सालों से जातीय संघर्ष की आग में जल रहा है। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा में अब तक सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 60 हजार लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। यह जातीय हिंसा अभी तक शांत नहीं हो रही है। सुरक्षा के तमाम इंतजामों के बावजूद राज्य में कई बार तनाव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब उखरूल में कुकी और नागा समुदायों के बीच नया विवाद सामने आने से राज्य की स्थिति और जटिल हो गई है। सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी जा सकती है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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