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गया के विधायक के बेटे को माओवादियों की धमकी, 5% कट ना देने पर हमले की चेतावनी

गया में बेलागंज विधायक के बेटे रॉकी को माओवादियों के नाम से धमकी मिली है। 5 प्रतिशत लेवी मांगी गई है और नहीं देने पर हमले की चेतावनी दी गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर SIT से जांच शुरू कर दी है।

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मनोरमा देवी और रॉकी यादव, Photo Credit- ChatGPT

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बिहार के गयाजी में प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी संगठन की दस्तक से सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। बेलागंज के विधायक के बेटे रॉकी यादव उर्फ राकेश रंजन से माओवादियों ने 5 प्रतिशत लेवी की मांग की है। लेवी नहीं देने पर कंपनी को नुकसान पहुंचाने और फौजी हमले की धमकी भी दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है। अब SIT की टीम इस धमकी के तार जोड़ने के लिए अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी।

 

यह पूरा मामला गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। रॉकी यादव के परिवार की रमिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी है। कंपनी के मुख्य निदेशक उनके बड़े भाई विनीत यादव उर्फ जैकी यादव हैं। यह कंपनी एनएच विभाग के तहत चतरा-बाइपास सड़क निर्माण का काम कर रही है। इसी निर्माण कार्य को लेकर अब कंपनी को नक्सलियों की धमकी मिली है।

 

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मोबाइल पर लगातार आ रहे थे व्हाट्सएप कॉल

रॉकी के अनुसार पिछले तीन दिनों से उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लगातार व्हाट्सएप कॉल आ रही थी। कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉलर का टाइटल भाकपा-माओवादी लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। रॉकी ने पहले तो कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद 19 जुलाई की शाम उसी नंबर से उनके व्हाट्सएप पर एक पत्र भेजा गया। पत्र माओवादियों की मध्य जोनल कमेटी के लेटर हेड पर था। पत्र में साफ-साफ लिखा था कि कंपनी भारत सरकार का जो विकास कार्य करा रही है उसे तत्काल रोका जाए। साथ ही निर्माण कार्य की कुल लागत का 5 प्रतिशत लेवी देने की मांग की गई। पत्र के अंत में धमकी भरे शब्द भी लिखे थे कि अगर लेवी नहीं दी गई तो कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा और फौजी कार्रवाई की जाएगी।

 

धमकी भरा पत्र मिलने के बाद रॉकी यादव ने तुरंत रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत FIR दर्ज कर ली। गया के एसएसपी सुशील कुमार ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिटी एसपी अभिनव के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम SIT का गठन किया है। SIT में कई अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है और पूरे मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर अजय कुमार को सौंपी गई है। SIT ने जांच शुरू करते ही सबसे पहले उस मोबाइल नंबर की पड़ताल की जिससे धमकी भरा पत्र और कॉल आए थे। शुरुआती जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस को पता चला कि जिस नंबर से धमकी दी गई थी उसका लोकेशन और कॉल डिटेल अरुणाचल प्रदेश का है। यानी धमकी देने वाला व्यक्ति या गिरोह इस समय पूर्वोत्तर में सक्रिय है। पत्र भी कथित तौर पर माओवादियों की मध्य जोनल कमेटी के नाम से भेजा गया था। ऐसे में अब यह मामला सिर्फ गया तक सीमित नहीं रहा।

 

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पुलिस टीम जाएगी अरुणाचल प्रदेश

इसी कारण गया पुलिस की विशेष टीम अब अरुणाचल प्रदेश जाने की तैयारी कर रही है। टीम वहां जाकर उस नंबर के असली इस्तेमालकर्ता का पता लगाएगी। साथ ही स्थानीय पुलिस से समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की रणनीति बनाई जा रही है। नंबर के लोकेशन के अलावा व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल फुटप्रिंट भी खंगाले जा रहे हैं।

 

पुलिस स्थानीय स्तर पर भी जांच कर रही है। कंपनी में काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पहले कभी कंपनी को किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार रॉकी यादव के परिवार की कंपनी के कर्मचारियों पर इससे पहले भी नक्सली हमले हो चुके हैं। इसी वजह से पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। निर्माण साइट पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और गश्त तेज कर दी गई है।

 

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धमकी को लेकर हो रही है कई तरह की चर्चाएं

बेलागंज विधायक के बेटे को मिली इस धमकी के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे लेवी वसूली का नया तरीका बता रहे हैं तो कुछ इसे सियासी साजिश से भी जोड़कर देख रहे हैं लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और बिना ठोस सबूत के कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि माओवादियों की किसी भी धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंपनी की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। निर्माण कार्य फिलहाल नहीं रोका गया है लेकिन सुरक्षा के बीच काम चल रहा है। सबकी नजर SIT की रिपोर्ट पर है। अरुणाचल प्रदेश से क्या सुराग मिलते हैं और धमकी देने वाले की पहचान हो पाती है या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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