उत्तर प्रदेश में मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगे हैं। भारतीय किसान यूनियन (भीम राव अंबेडकर) के नेता डॉक्टर दिग्विजय भाटी ने बताया कि उन्हें थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया। उनके साथी मोहित जाटव को भी बुरी तरह से पीटा गया। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिग्विजय भाटी गंभीर रूप से चोटिल दिखाई पड़ रहे हैं।
दिग्विजय भाटी का आरोप है कि 19 अगस्त को वह अपने साथी मोहित के साथ ललिता गौतम मामले में एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने पहुंचे थे, जहां एसएसपी ने बिना कुछ सुने भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं और ताना मारा कि 40 रुपये का कुर्ता पहनकर नेता बन जाते हैं। आरोप है कि आपत्ति जताने पर एसएसपी भड़क गए और इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को बुलाकर पहले कार्यालय में ही पिटाई करना शुरू कर दिया।
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दिग्विजय भाटी ने लगाए हैं गंभीर आरोप
दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाए हैं कि पहले कार्यालय में उनके साथ पिटाई की गई, फिर आंखों पर पट्टी बांधकर एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां 4-5 पुलिसकर्मियों ने घंटों तक लाठी-डंडों से पीटा, पैर रस्सी से लटकाकर तलवों पर मार पड़ी और जूते की नोक लगने से आंख से खून बहने लगा। भाटी का यह भी आरोप है कि उन्हें चोली के पीछे क्या है गाने पर जबरन नचाया गया। इस मामले में समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अतुल प्रधान का आरोप है कि ट्रांसफर की जानकारी मिलते ही एसएसपी ने बदले की भावना से यह कृत्य किया।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर 8 जुलाई को हुए प्रदर्शन में एसएसपी अविनाश पांडेय ने लाठीचार्ज कराया और खुद मारपीट की थी, जिसका वीडियो वायरल होने से उनकी
फजीहत हुई थी। इसी मामले में किसान नेता दिग्विजय भाटी को जेल भेजा गया था। अब भाटी का आरोप है कि 19 अगस्त को वह एसएसपी से मिलने गए तो पहले गाली-गलौज हुई, फिर उन्हें और साथी मोहित को कार्यालय में और बाद में एसओजी कार्यालय ले जाकर घंटों बुरी तरह पीटा गया। इसकी वजह से आंख से खून बहने लगा।
देर रात सपा विधायक अतुल प्रधान उन्हें छुड़ाकर लाए। गुरुवार रात एसएसपी का तबादला हुआ और उसके तुरंत बाद भाटी का चोटिल हालत वाला वीडियो वायरल हो गया। अतुल प्रधान ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं एसएसपी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। इस मामले में एसएसपी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है।