उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दलित महिला की हत्या पर हंगामा बरपा है। सरधना इलाके के गांव पकसाड़ में गुरुवार ससुबह करीब 8 बजे एक दलित युवती का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया। जैसे ही मां को खबर लगी, वह भागकर मौके पर पहुंची और युवकों से अपनी बेटी को छुड़ाने लगीं। बदमाशों ने महिला के सिर पर फरसा से हमला किया और महिला वहीं बेदम होकर गिर पड़ी। महिला की अस्पताल में मौत हो गई है। हादसे पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भी दुख जताया है।
अपहरण करने वाले दोनों आरोपियों की पहचान हो गई है। आरोपियों के नाम पारस सोम और सुनील कुमार हैं। दोनों इसी गांव के रहने वाले हैं। हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या और अपहरण का केस दर्ज किया है। साथ ही SC/ST ऐक्ट भी लगाया गया है।
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पीड़िता ने मरने से पहले क्या कहा था?
महिला ने मरने से पहले बयान दिया था कि पारस ने उनकी बेटी से बदतमीजी की। जब उन्होंने विरोध किया तो उसे मारा-पीटा और सिर पर वार किया। पुलिस अब दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। कई टीमें हरियाणा और दिल्ली तक भेजी गई हैं।
क्या चाहता है पीड़ित परिवार?
गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है जिससे कोई और दंगा-फसाद न हो। परिवार ने पहले अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी, उनके अवैध निर्माण को तोड़ने और बेटी की सुरक्षित वापसी की मांग की है। घरवाले महिला की लाश जलाने तक के लिए तैयार नहीं थे, काफी बातचीत के बाद शाम को महिला का अंतिम संस्कार हो सका।
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प्रशासन ने क्या कदम उठाया है?
प्रशासन ने परिवार को 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए हैं। चार्जशीट दाखिल होने तक और 12 लाख रुपये मिलेंगे। परिवार को सुरक्षा के लिए हथियार लाइसेंस देने पर भी विचार हो रहा है। इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
अखिलेश और मायावती ने क्या कहा है?
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि सरकार को महिलाओं की इज्जत के साथ छेड़छाड़ और हत्या के मामलों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा है कि बीजेपी सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है, लोग सरकार से पूरी तरह निराश हो चुके हैं। पूर्व सांसद संजीव बालियान भी परिवार से मिलने गए और उनसे धैर्य रखने की अपील की है।