'मोहम्मद' दीपक के नाम से मशहूर हो चुके कोटद्वार के जिम मालिक दीपक कुमार और उनके दोस्त विजय रावत देश में बढ़ती नफरत के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने की सोच रहे हैं। वे एक राष्ट्रव्यापी यात्रा शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसका नाम है 'यूनाइट ह्यूमनिटी मार्च'। इस यात्रा का मकसद है लोगों में एकता, प्यार और इंसानियत का संदेश फैलाना।
जनवरी में गणतंत्र दिवस के दिन कोटद्वार के पौड़ी गढ़वाल जिले में एक घटना हुई। वहां एक 70 साल के बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को कुछ लोग परेशान करने लगे। उनकी दुकान का नाम था 'बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर'। कुछ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी दुकान के नाम पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि 'बाबा' शब्द सिर्फ स्थानीय देवता बाबा सिद्धबली (हनुमान जी से जुड़े) के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने दुकानदार से उनके दुकान का नाम बदलने की मांग की।
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वीडियो हुआ था वायरल
उसी समय पास में खड़े दीपक कुमार ने बीच में उन्हें रोका। वह उनकी दुकान के बाहर ही खड़े थे। जब उनसे उनका नाम पूछा गया, तो दीपक ने कहा, 'मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।' उनका यह वीडियो भी काफी वायरल हो गया। इसके बाद लोग उन्हें 'मोहम्मद दीपक' कहने लगे।
इस घटना के बाद बजरंग दल के कुछ लोग 31 जनवरी को दीपक के जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन करने आए। उन्होंने धमकियां दीं और उन्हें सबक सिखाने की बात कही। दीपक को ऑनलाइन भी धमकियां मिलीं।
अब क्या हो रहा है?
शुक्रवार को दीपक और विजय ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। दीपक ने कहा कि लोगों से बहुत प्यार और समर्थन मिल रहा है। इसी वजह से वे 'इंसानियत जोड़ो यात्रा' शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं। यह यात्रा पूरे देश में जाएगी और नफरत के खिलाफ इंसानियत, मोहब्बत और एकजुटता का पैगाम देगी।
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वीडियो में विजय रावत ने भी कहा कि देश में नफरत बढ़ रही है, ऐसे समय में यह यात्रा प्यार और करुणा फैलाएगी। उन्होंने लोगों का बहुत-बहुत शुक्रिया अदा किया। दीपक ने लोगों से राय मांगी है कि क्या उन्हें यह यात्रा करनी चाहिए या नहीं। वह चाहते हैं कि सब मिलकर इस विचार पर बात करें।