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फर्जी पेमेंट, स्क्रीनशॉट और लाखों की ठगी, दुकानदारों को ठगने वाला पकड़ा गया

दिल्ली में एक युवक फर्जी UPI पेमेंट के स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से अब तक 30.81 लाख रुपये की ठगी कर चुका था। युवक और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Frauder  Arrested

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit:Gemini

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दिल्ली से एक मामला सामना आया जहां युवक फर्जी UPI पेमेंट के स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से ठगी करता था। निखिल यादव 22 वर्षीय अब तक कुल 30.81 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। व छोटी दुकानों पर कम कीमत की खरीदारी करता था और दुकानदारों को फर्जी या डिजिटल भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर उन्हें यह विश्वास दिलाता था कि भुगतान हो चुका है।

 

दुकानदार जब बैंक खाता चेक करते थे तो दिखाई देता था कि कोई पैसे जमा ही नहीं हुए हैं। हालांकि, निखिल यादव मदद के नाम पर मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश करता था। यदि फोन उसे नहीं दिया जाता तो वह पीड़ित के मोबाइल या UPI संबंधी जानकारी देखने या हासिल करने की कोशिश करता और बाद में फोन चोरी कर लेता था।

 

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कैसे करता था ठगी?

पुलिस के मुताबिक निखिल यादव छोटी दुकानों को अपना निशाना बनाता था। दुकानों पर जाकर कम कीमत की खरीदारी करता था और दुकानदारों को फर्जी या डिजिटल पेमंट का स्क्रीनशॉट दिखाता था ताकी उन्हें विश्वास हो जाए कि पेमंट हो गया है। जब दुकानदार अपने बैंक अकाउंट चेक करता और पाता चलता कि कोई पैसे नहीं आए हैं। इसके बाद निखिल पेमंट की समस्या को ठीक करने में मदद करने का नाटक करता और पीड़ित के मोबाइल फोन तक पहुंचने की कोशिश करता। 

वहीं अगर उसे फोन नहीं दिया जाता तो वह पीड़ित का मोबाइल चुराने या छीनने की कोशिश करता था। जिसके बाद वह UPI संबंधी जानकारी देखने या हासिल करने की कोशिश करता था। बाद में आरोपी फोन और UPI ऐप के जरिए अपने खाते में पैसे भेज लेता था। आरोपी कुछ मामलों में ATM से पैसें निकालता था ताकि पैसे का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

30.81 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी 

पुलिस ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में धोखाधड़ी की कुल रकम 30.81 लाख रुपये से ज्यादा है और आगे की जांच चल रही है। जांच शुरू होने का कारण सदर बाज़ार में कपड़ों की दुकान के मालिक विष्णु कुमार गोयल की 29 मार्च की शिकायत थी। पुलिस के मुताबिक निखिल यादव ने विष्णु कुमार गोयल से कपड़े खरीदे और पेमेंट का नकली स्क्रीनशॉट दिखाया। जब दुकानदार को पता चला कि पेमेंट नहीं मिला है तो आरोपी ने उसके मोबाइल फोन ले लिया और उनके बैंक अकाउंट से 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।

 

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आगे टीम को पैसे करता था ट्रांसफर

अधिकारी ने कहा साइबर नॉर्थ थाने में ई-FIR दर्ज करके आगे की जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान बैंकिंग और UPI ट्रांज़ैक्शन और टेलीकॉम रिकॉर्ड के टेक्निकल एनालिसिस से पुलिस को मल्कागंज की रहने वाली 27 वर्षीय शाहीन के एक अकाउंट का पता चला जिसका इस्तेमाल पैसें प्राप्त करने के लिए किया गया था। उसे पकड़ा गया और उसने बताया कि उसने पैसे बुराड़ी निवासी 25 वर्षीय तरुण को ट्रांसफर किए  थे। इसके बाद तरुण को भी पकड़ लिया गया। उसने पुलिस को बताया कि पैसे निखिल यादव को नकद दे दिए गए थे।

 

पुलिस ने बताया कि तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों से जांच करने पर पता चला कि वह दिल्ली और मुंबई में सात अन्य मामलों में भी शामिल था। इन मामलों में दिल्ली के साइबर नॉर्थ वेस्ट, मॉडल टाउन, सराय रोहिल्ला, सब्जी मंडी और रूप नगर थानों तथा मुंबई के शिवड़ी और तारदेव थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि निखिल यादव ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और वह पहले भी दिल्ली और मुंबई में दर्ज चोरी और ठगी के आठ मामलों में आरोपी रहा है। 


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