मुंबई की रहने वाली पोस्टग्रेजुएट छात्रा हर्षदा बोराडे ने बांद्रा पुलिस के एंटी-टेररिज्म सेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हर्षदा बोराडे का आरोप है कि फिलिस्तीन के समर्थन में पतंग उड़ाने के कारण उनसे जबरन और नियमों के खिलाफ पूछताछ की गई। हर्षदा ने कहा कि पुलिस ने बिना किसी नोटिस या आधिकारिक वारंट दिखाए सांताक्रूज स्थित उनके घर में प्रवेश किया, घर और उनके निजी सामान की घंटों तलाशी ली। साथ ही आधी रात तक पूछताछ की गई।
15 सितंबर को मुंबई के बांद्रा इलाके में गाजा के बच्चों के समर्थन में पतंग उड़ाने का कार्यक्रम रखा गया था, इस कार्यक्रम के दो दिन बाद इसमें शामिल कुछ लड़के-लड़कियों से मुंबई पुलिस ने पूछताछ शुरू की। बता दें कि हर्षदा इंडियन पीपल इन सॉलिडेरिटी विद पैलेस्टाइन (IPSP) नाम की संगठन से जुड़ी हैं।
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हर्षदा बोराडे ने लगाए गंभीर आरोप
रविवार 20 सितंबर को पोस्ट किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया कि कम से कम 15 पुलिसवालों ने शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार सुबह 3 बजे तक बिना लीगल नोटिस दिए या वारंट दिखाए उनके घर की तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि सादे कपड़ों में आए पुलिसवालों ने पहचान दिखाने से मना कर दिया, जबरदस्ती उनके पर्सनल स्पेस में घुसे, उनकी नोटबुक और डायरी की जांच की, किताबों के नाम रिकॉर्ड किए और उनके सामान की तस्वीरें और वीडियो खींचे।
हर्षदा ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में शामिल नहीं होने वाली उनकी रूम पार्टनर के सामान और निजी चीजों की भी जांच की गई। इस घटना के बाद मकान मालिक ने उनसे कहा है कि वो घर खाली कर दें।
IPSP ने क्या कहा?
इंडियन पीपल इन सॉलिडेरिटी विद पैलेस्टाइन (IPSP) ने कहा कि सादे कपड़ों में छह से सात लोग खुद को पुलिस वाला बताकर उनके घर पहुंचे। आरोप लगाया गया कि हर्षदा को बिना लिखे नोटिस के हिरासत में लिया गया और बाद में वापस घर ले जाया गया। तलाशी 19 सितंबर को सुबह 2.30 बजे के बाद खत्म हुई और हर्षदा के दोस्तों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। दावा किया गया कि दो वॉलंटियर्स को हथकड़ी लगाई गई, उनके फोन जब्त कर लिए गए, और वहां मौजूद लोगों को कानूनी कार्रवाई और मारपीट की धमकी दी गई।
IPSP के मुताबिक, पंचनामा में तलाशी को गाजा में बच्चों के साथ एकजुटता दिखाने वाले देशव्यापी पतंग अभियान से जोड़ा गया। IPSP ने यह भी आरोप लगाया कि पंचनामा में कहा गया है कि तलाशी पहले से प्लान नहीं थी, बल्कि सीनियर पुलिस अधिकारियों ने हर्षदा का संदिग्ध व्यवहार पाए जाने के बाद इसकी इजाज़त दी थी।