महाराष्ट्र के मुंबई में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के दौरान टिटवाला इलाके से पुरानी बार डांसर अश्विनी पॉल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से भारी मात्रा में MDMA (Ecstasy) की गोलियां बरामद की हैं जिनकी इंटरनेशनल मार्केट में कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस इसे राज्य के एक बड़े ड्रग सप्लाई नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है और फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस ने टिटवाला की पद्मावती रॉयल्स सोसाइटी में छापेमारी कर अश्विनी के घर से 5,000 ड्रग्स जब्त की हैं। इस कार्रवाई के दौरान अश्विनी के पास से 5 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड भी मिले हैं जिनका उपयोग वह ग्राहकों और सप्लायरों से संपर्क करने के लिए करती थी। पुलिस ने यह कार्रवाई रविवार को की और उसे बुधवार तक के लिए पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।
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कैसे बनी ड्रग डीलर?
पुणे की रहने वाली अश्विनी पॉल सिर्फ 10वीं कक्षा तक पढ़ी है औस साल 2012 में काम की तलाश में मुंबई आई थी। यहां उसने एक डांस बार में बतौर बार डांसर काम शुरू किया लेकिन बाद में वह गलत रास्ते पर निकल गई। उसका साथी पहले से जेल में बंद थी और उससे मिलने के दौरान अश्विनी की मुलाकात इरफान नाम के एक डीलर से हुई। इरफान ने ही उसे ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर इस धंधे में लाया था।
युवाओं को बेचती थी ड्रग्स
अश्विनी ने बहुत कम समय में मुंबई के साथ-साथ महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में अपनी नेटवर्क फैला लिया था। वह ज्यादातर कॉलेज जाने वाले छात्रों और युवाओं को निशाना बनाती थी। वह इस ड्रग्स की एक गोली 1,500 से 2,000 रुपये के बीच बेचती थी। वह ऑर्डर मिलने पर पार्टी ड्रग्स की सप्लाई करती थी और फोन के जरिए अपना नेटवर्क चलाती थी।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मुंबई की साकीनाका पुलिस ने अंधेरी ईस्ट से इरफान अंसारी और सुफियान नाम के दो लोगों को 200 नशीली गोलियों के साथ पकड़ा था। न दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पुलिस को अश्विनी पॉल के ठिकाने और उसके बड़े स्टॉक के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने इस छापेमारी को काफी गोपनीय रखा और बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे तक बंद कर दिए थे ताकि आरोपी को भागने का मौका न मिले।
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जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब अश्विनी के मोबाइल फोन के डाटा और चैट की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे ड्रग्स की इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स कहां से मिल रही थी। पुलिस को शक है कि पुणे और नवी मुंबई के बड़े ड्रग डीलर भी इस गुट का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, गोरेगांव में हाल ही में एक म्यूजिक कॉनसर्ट के दौरान हुई मौतों से इस ड्रग का अब तक कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।