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'कमरे पर बुलाकर अश्लील वीडियो', मजदूर और रईसजादों को ऐसे शिकार बनाती थीं महिलाएं

गैंग की महिलाएं कमरे में बुलाकर गैंग की महिलाएं युवकों के कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाती थीं। बाद में गैंग के पुरुष सदस्यों की मदद से ये महिलाओं पीड़ितों से वसूली करते थीं।

muradabad honey trap case

मुरादाबाद पुलिस। Photo Credit- Social Media

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देश के कई शहरों से गिरोह बनाकर अपराधी 'हनीट्रैप' में फंसाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला पीतल नगरी मुरादाबाद से सामने आया है। शहर के मुगलपुरा थाना क्षेत्र पुलिस ने चार महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार करके हनीट्रैप गैंग का खुलासा किया है। इस मामले की जानकारी खुद मुरादाबाद के एसपी सिटी ने दी है। 

 

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के पास से दस हजार रुपये की नकदी, तीन मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इस ग्रुप ने मिलकर एक कबाड़ व्यापारी को हनीट्रैप में फंसाकर 85 हजार रुपये वसूले थे। एसपी सिटी ने बताया कि ग्रुप की महिलाएं पहले युवकों को फोन करके उनसे बात करती थीं। इकके बाद उन्हें बहला-फुसला कर अपने ठिकाने पर बुलाती थीं।

 

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कमरे में बुलाती थीं गैंग की महिलाएं

उन्होंने बताया कि कमरे में बुलाकर गैंग की महिलाएं युवकों के कपड़े उतरवाकर वीडियो बना लेती थीं। बाद में गैंग के पुरुष सदस्यों की मदद से ये महिलाओं पीड़ितों से वसूली करते थीं। इश्क और सेक्स के लालच में फंसे शिकार के न्यूड वीडियो बनाए जाते थे। बाद में शिकार को लंबे समय के लिए ब्लैकमेल कर पैसा वसूल किया जाता था। पुलिस ने रिहाना, उसकी 3 महिला साथी और एक पुरूष को गिरफ्तार किया है।

 

 

 

छोटे स्तर पर लोगों को निशाना बनाया

इस गैंग के सदस्य पहले छोटे स्तर पर लोगों को निशाना बनाते थे। कारखानों और कंपनियों में काम करने वाले लोग उनके आसान शिकार बनते थे। यह लोग दस हजार लेकर 50 हजार रुपये तक की ठगी करते थे। ऐसे लोगों को फंसाने के बाद गिरोह के सदस्यों ने रईसजादों को अपने जाल में फंसाना चाहते थे। इस नई योजना के तहत गैंग के सदस्य शहर के कारोबारियों के बेटों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिए। 

 

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रईसों के मोबाइल नंबरों को खोजकर यह जानकारी महिला सदस्यों, शगुफ्ता और रिहाना को दी जाती थी। दोनों महिलाएं रईसजादों से संपर्क करके उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसाती थीं। इसके बाद गिरोह उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देता। वह धमकी देकर या बदनामी का डर दिखाकर उससे पैसे ऐंठते थे। मगर, इसी तरह से पैसे ऐंठते हुए गिरोह का पर्दाफाश हो गया।


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