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'कई अच्छे काम किए, इस्तीफा स्वीकार न करें', धर्मेंद्र प्रधान के साथ आए BJP MLA

यूपी के गाजियाबाद की लोनी विधानसभा के विधायक नंद किशोर गुर्जर पीएम मोदी को पत्र लिखकर धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं स्वीकार करने की मांग की है।

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शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान, File Photo Credit: PTI

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पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर से भी उनके समर्थन में खुलकर आवाज उठने लगी है। गाजियाबाद की लोनी सीट से बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार नहीं करने की अपील की है। उन्होंने इसे देश की जनभावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि इस्तीफा मंजूर होने से गलत संदेश जाएगा। इस बयान के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है।

 

बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उनका कहना है, 'धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा क्षेत्र में कई अहम सुधार किए और युवाओं के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। ऐसे में उनका इस्तीफा स्वीकार करना देश और शिक्षा व्यवस्था के लिए उचित संदेश नहीं होगा।'

'जनभावनाएं धर्मेंद्र प्रधान के साथ'

नंद किशोर गुर्जर ने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और आम नागरिक धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक, इस्तीफा स्वीकार होने से विपक्ष और सरकार विरोधी ताकतों को राजनीतिक मुद्दा मिल जाएगा।

 

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बीजेपी विधायक ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में वास्तविक छात्रों की भागीदारी सीमित थी और मंच से छात्र हितों से इतर बयानबाजी की गई। उन्होंने कुछ संगठनों और प्रदर्शनकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

 

इस्तीफे के बाद बदली जिम्मेदारी

धर्मेंद्र प्रधान ने छात्र आंदोलनों और बढ़ते विवाद के बीच अपने पद से इस्तीफा दिया था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई। इसके साथ ही आंदोलन समाप्त होने की घोषणा भी कर दी गई थी।

 

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पार्टी के भीतर से खुलकर सामने आया यह समर्थन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है। विपक्ष जहां इस्तीफे को अपनी जीत बता रहा है, वहीं बीजेपी के भीतर से अब इसे लेकर अलग राय सामने आने लगी है।


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