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नंदीग्राम से BJP कैंडिडेट ने जन्म से पहले पास कर ली 10वीं? एफिडेविट पर उठे सवाल 

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बीजेपी की कैंडिडेट हसिरानी रथ की शिकायत चुनाव आयोग से की गई है। आरोप है कि उनके चुनावी हलफनामे में उनकी उम्र और शिक्षा की जानकारी गलत दी गई है।  

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शुभेंदु अधिकारी के साथ हसिरानी रथ, Photo Credit: Social Media

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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुभेंदु अधिकारी के पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हसिरानी रथ को यहां से मैदान में उतारा है। अब हसिरानी रथ के चुनावे हलफनामे से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने अपनी उम्र और 10वीं की परीक्षा पास करने को लेकर जो जानकारी दी है उसमें स्पष्ट तौर पर गड़बड़ी है। हसिरानी रथ ने अपनी उम्र 60 साल बताई है और 10वीं पास करने का साल 1965 बताया है जो कि उनके जन्म से एक साल पहले का है। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल ने यह भी दावा किया है कि जिस स्कूल से 10वीं पास करने का दावा किया गया है उसे मान्यता ही 1973 में मिली है। अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया है और इसकी शिकायत चुनाव आयोग से कर दी है।

 

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर चुनाव में उतरीं हसिरानी ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई का जिक्र किया है। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति लगभग 43.47 लाख रुपये बताई है। उनके पास कोई गाड़ी नहीं है और उनके खिलाफ कोई मुकदमा भी नहीं दर्ज है। हसिरानी रथ ने कुल 4 बैंक खातों में जमा पैसों, 3 लाख रुपये के गहने, एक खेती वाली जमीन, एक घर और एक गैर-खेती वाली जमीन का जिक्र अपनी संपत्ति के रूप में किया है।

कहां फंस गई हैं हसिरानी रथ?

चुनावी हलफनामे में हसिरानी ने अपनी जन्मतिथि नहीं बताई है। उन्होंने अपनी उम्र 60+ लिखी है। इसका मतलब है कि उनका जन्म 1966 या उससे पहले हुआ है। इसी हलफनामें अपनी अधिकतम पढ़ाई का जिक्र करते हुए हसिरानी रथ ने बताया है कि उन्होंने साल 1965 में 10वीं की परीक्षा पास की है। उनके मुताबिक, उन्होंने यह पढ़ाई चौखाली गंगा पद्मा मिलन कन्या विद्यापीठ (हाई स्कूल) से की है। 

 

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इस जानकारी के हिसाब से तो ऐसा लगता है जैसे उन्होंने अपने जन्म से एक साल पहले ही 10वीं की परीक्षा पास कर ली हो। जाहिर है कि यह संभव नहीं है और जानकारी गलत है। अगर उनकी उम्र 60+ कैटगरी में 65 भी मान ली जाए तो इस 

हिसाब से उन्होंने 4 साल की उम्र में ही 10वीं पास कर ली होगी। आमतौर पर 10वीं की परीक्षा पास करने वाले बच्चों की उम्र 14 से 15 साल होती है। इस हिसाब से हसिरानी रथ का जन्म 1950 के आसपास हुआ होना चाहिए। फिर इस हिसाब से उनकी उम्र 76 साल होनी चाहिए। अब इसी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

हमने इसे और सही चेक करने के लिए हसिरानी रथ की बताई हुई विधानसभा की वोटर लिस्ट देखी। उनके हलफनामे के मुताबिक, उनका नाम चांदीपुर विधानसभा के पार्ट नंबर 154 में सीरियल नंबर 331 पर दर्ज है। हमने जब इसे देखा तो वहां हसिरानी रथ की उम्र ठीक 60 साल लिखी है। यह लिस्ट विधानसभा चुनाव के समय की है तो इसमें कुछ और महीने जोड़े जा सकते हैं। इस तरह से हसिरानी रथ की उम्र 61 या 62 साल ही हो सकती है। फिर भी 1965 में 10वीं पास कर लेने वाला दावा गलत है।    

 

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क्या कर रहा है विपक्ष?

 

इस मामले पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने मंगलवार को बयान जारी करके कहा कि हसिरानी रथ के एफिडेविट में उनकी उम्र और शिक्षा को लेकर दावे गलत हैं लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसपर बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस झूठा अभियान चला रही है। कांग्रेस का कहना है कि हसिरानी रथ ने 1965 में 10वीं पास करने की बात कही है लेकिन उस स्कूल को तब मान्यता ही नहीं मिली थी।

 

इस पर बीजेपी का कहना है कि एफिडेविट में टाइपो हुआ है और हसिरानी 1980 में 10वीं पास हुई हैं। नंदीग्राम में बने हसिरानी रथ के चुनावी दफ्तर की ओर से बताया गया है कि हसिरानी रथ का जन्म 1965 में हुआ और उन्होंने 1980 में 10वीं की परीक्षा पास की है।

 

इस सबके बीच कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान अभी भी जेल में हैं। मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने सरकार के निर्देश दिए कि वह इस बात का ध्यान रखे कि मिलन प्रधान सही से चुनाव लड़ सकें। बता दें कि गिरफ्तार किए जाने के बाद मिलन प्रधान को 3 अक्तूबर तक की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जिस केस में उनकी गिरफ्तारी हुई है वह साल 2007 का है।

 

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बता दें कि नंदीग्राम विधानसभा सीट मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे का कारण खाली हुई है। वह दो सीटों से चुनाव जीते थे। दूसरी सीट भवानीपुर थी और अब वह भवानीपुर के ही विधायक हैं। नंदीग्राम में शुभेंदु के इस्तीफे के बाद हो रहे इस उपचुनाव में बीजेपी की हसिरानी रथ का मुख्य मुकाबला कांग्रेस के मिलन प्रधान, डेमोक्रैटिकल तृणमूल कांग्रेस के एहतेस्ममुल हक और अन्य उम्मीदवारों से है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने अब कांग्रेस के मिलन प्रधान का समर्थन कर दिया है।      

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