logo

मूड

ट्रेंडिंग:

नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार को राहत, 20 अक्टूबर तक मिली अंतरिम जमानत

कलकत्ता हाई कोर्ट ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के छह मामलों में 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी। इससे वह 6 अक्टूबर के चुनाव के लिए प्रचार कर सकेंगे।

Nandigram by election Calcutta HC grants interim bail to Congress Milan Pradhan

मिलन प्रधान के पोस्टर के साथ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता, Photo Credit: PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

कलकत्ता हाई कोर्ट ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 में दर्ज छह आपराधिक मामलों में अंतरिम जमानत दे दी है। जस्टिस तीर्थंकर घोष ने मंगलवार को उन्हें 20 अक्टूबर तक राहत दी। इससे मिलन प्रधान नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकेंगे।

 

मिलन प्रधान 18 सितंबर से न्यायिक हिरासत में थे। उनके खिलाफ नंदीग्राम थाने में चार और पड़ोसी खेजुरी थाने में दो मामले दर्ज हैं। ये मामले 2007 में नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन से जुड़े हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश और हथियार कानून के उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं।

 

यह भी पढ़ें: साथियों से कहासुनी के बाद CISF जवान ने चलाई गोली, अफसर समेत 4 की मौत

चुनाव प्रचार कर सकेंगे मिलन प्रधान

हाई कोर्ट ने सभी छह मामलों में मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने उन्हें हर मामले में जमानती मुचलका जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी को देने और पुलिस के साथ नियमित संपर्क में रहने को कहा गया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलन प्रधान को निचली अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।

 

पुलिस के अनुसार, मिलन प्रधान के खिलाफ दर्ज मामले 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान के हैं। उन पर हत्या, हत्या की कोशिश, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने और लूटपाट जैसे आरोपों से जुड़े मामले दर्ज किए गए थे। प्रधान को इन पुराने मामलों में गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। मिलन प्रधान के वकील ने अदालत में कहा था कि उन्हें उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद गिरफ्तार किया गया। वकील ने अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा था कि इससे प्रधान चुनाव प्रचार और चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।

 

यह भी पढ़ें: हेलमेट नहीं लगाने पर पीछे बैठी सवारी का कटेगा ई-चालान, UP में बदली व्यवस्था

पहले निचली अदालत से नहीं मिली थी जमानत

इससे पहले निचली अदालत ने मिलन प्रधान को जमानत देने से इनकार कर दिया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उनकी ओर से हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की गई। 25 सितंबर को हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने पहले मिली अंतरिम राहत को रद्द करते हुए कहा था कि आरोपी को कानून के तहत नियमित या अग्रिम जमानत का रास्ता अपनाना चाहिए।

 

बता दें कि नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।


और पढ़ें