संजय सिंह, पटना। बिहार में मुंगेर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा ने मुंगेर पुलिस केंद्र में आत्मसमर्पण कर दिया है। वह सक्रिय सशस्त्र नक्सली दस्ता का सदस्य था। इसके अलावा कोड़ा नक्सली स्पेशल एरिया कमेटी का कमांडर भी रहा है। सरकार ने उस पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसके आत्मसमर्पण को नक्सली अभियान के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
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आधुनिक हथियार छोड़ मुख्य धारा पर लौटा सुरेश
यह आत्मसमर्पण मुंगेर पुलिस केंद्र में डीआईजी राकेश कुमार, एसटीएफ डीआईजी संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी निखिल धनराज और एसटीएफ एसपी अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में किया गया। सुरेश कोड़ा ने अपने साथ एक AK-47 राइफल, एक AK-56 राइफल, दो इंसास और 505 कारतूस पुलिस के हवाले किए।
पुलिस मान रही बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता है। इससे न केवल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि अन्य भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।
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आत्मसमर्पण के बाद सुरेश कोड़ा ने मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प लिया। उसका कहना है कि वह अब हिंसा और अपराध का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण नीति के तहत उसे सरकार की पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।