बिहार के गया-पटना रेलखंड पर गुरुवार तड़के चोरों ने रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन से करीब 100 मीटर लंबा 25 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार काटकर चोरी कर लिया। इस चोरी की वजह से देश के सबसे व्यस्त रेल रूटों में से एक पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही। हालात संभालने के लिए रेलवे को ट्रेनों का संचालन सिंगल लाइन से करना पड़ा, जिसके चलते कई ट्रेनें देरी से चलीं और रेल परिचालन प्रभावित रहा।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि यह घटना गुरुवार तड़के करीब 3:05 बजे टेहटा और जहानाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई और OHE लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सुबह 6:26 बजे रेलखंड को फिर से सुरक्षित घोषित कर दिया गया और ट्रेनों का परिचालन सामान्य कर दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने चोरी किया गया तार भी बरामद कर लिया है, जबकि आरोपियों की तलाश जारी है।
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तीन घंटे तक प्रभावित रहा रेल परिचालन
हाईटेंशन तार कटने से रेलवे की ओवरहेड बिजली सप्लाई ठप हो गई, जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो इसके लिए रेलवे ने डाउन लाइन की ट्रेनों को सिंगल लाइन के जरिए चलाया। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही दोनों लाइनों पर ट्रेनों का संचालन फिर से सामान्य हो सका। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर ली गई, इसलिए एक बड़ा हादसा टल गया।
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पहले भी रेलवे को बना चुके हैं निशाना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिहार में रेलवे की बिजली और सिग्नल व्यवस्था से जुड़े उपकरणों की चोरी की यह पहली घटना नहीं है। मई 2026 में दानापुर स्टेशन के पास सिग्नल केबल चोरी होने से हमसफर एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस समेत करीब एक दर्जन ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। वहीं जुलाई 2024 में फतुहा स्टेशन के पास चोरों ने करीब 39 मीटर ओवरहेड बिजली का तार काट लिया था, जिससे लगभग दो घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा।