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सरकारी स्कूल के हॉस्टल में 9वीं क्लास की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म

ओडिशा के कंधमाल जिले में एक सरकारी स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली नाबालिग छात्रा के मां बनने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन और हॉस्टल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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ओडिशा के कंधमाल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां फिरिंगिया ब्लॉक के एक सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली क्लास 9 की छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया है। यह स्कूल अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत चलाया जाता है। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई है लेकिन इस मामले ने हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

खबरों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा ने 1 मार्च को एक बेटे को जन्म दिया। फिलहाल मां और बच्चा दोनों घर पर हैं लेकिन उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है। समाज के डर की वजह से परिवार उन्हें अस्पताल ले जाने से कतरा रहा है, हालांकि गांव की आशा वर्कर और स्वास्थ्य कर्मी घर पर ही उनकी देखरेख कर रहे हैं।

 

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छुट्टियों के दौरान हुई थी घटना

मिली जानकारी के अनुसार, पिछले साल स्कूल की छुट्टियों के दौरान जब छात्रा अपने घर गई थी, तब उसके एक लड़के के साथ शारीरिक संबंध बने थे। छुट्टियां खत्म होने के बाद वह वापस हॉस्टल आ गई और अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसी दौरान वह गर्भवती हो गई लेकिन हैरानी की बात यह है कि हॉस्टल के स्टाफ को महीनों तक इसकी भनक तक नहीं लगी।

 

जब पिछले महीने छात्रा के आठ महीने की गर्भवती होने की बात सामने आई, तब स्कूल के प्रिंसिपल ने परिवार को बुलाकर लड़की को उन लोगों को दे दिया। इस मामले में अब दो अलग-अलग पुलिस स्टेशनों फिरिंगिया और गोछापाड़ा में शिकायत दर्ज कराई गई है।

पुलिस कार्रवाई

गोछापाड़ा थाना प्रभारी संजीव बेहरा ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी तलाश जारी है।

 

जिला कल्याण अधिकारी रवि नारायण मिश्रा ने कहा है कि जिला प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

 

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व्यवस्था पर खड़े होते बड़े सवाल

इस घटना ने स्कूल और हॉस्टल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आठ महीने तक हॉस्टल वार्डन या प्रशासन को छात्रा की स्थिति का पता क्यों नहीं चला? साथ ही क्या हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का नियमित हेल्थ चेक-अप नहीं होता और सरकारी हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी किसके पास है? फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। 


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