बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के एक अस्पताल में लापरवाही की सारी हदें पार होते देखी गई, जहां एक मरीज के परिवार ने दावा किया है कि बगहा उपमंडल अस्पताल में गार्ड ने मरीज को टांके लगाए। इसकी वजह यह है कि उस दौरान अस्पताल में सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद था, जो दूसरे घायल व्यक्ति का इलाज कर रहा था। 20 अप्रैल के दिन दो मरीज बेतिया शहर के इस अस्पताल में आए थे, जिनका एक्सीडेंट हुआ था। दोनों मरीजों को कई चोटें आई थीं और दोनों का तुरंत इलाज करना बेहद जरूरी था। इस वजह से एक डॉक्टर ने गार्ड को मदद के लिए बुलाया था।
घायल मरीजों का नाम के नाम वसीम अख्तर और सुरेंद्र हैं। दोनों के परिवार वालों ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि जब वे मरीजों को अस्पताल लेकर पहुंचे थे, तब अस्पताल में सिर्फ एक डॉक्टर था और कोई नर्स नहीं थी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब गार्ड मरीज का इलाज कर रहा हो, इससे पहले भी अस्पताल में ऐसा हो चुका है। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अस्पताल के डॉक्टरों ने दी सफाई
अस्पताल की लापरवाही सामने आने के बाद कई लोगों ने आक्रोश जाहिर किया, जिसके बाद अस्पताल के उपाध्यक्ष डॉ. एके. तिवारी ने कहा कि उस दौरान अस्पताल में 4 से 5 मरीज आ गए थे और गार्ड को टांके लगाना आता था, इस वजह से उसने मरीज के टांके लगाए।
सड़क दुर्घटना में दो लोग हुए घायल?
20 अप्रैल के दिन बेतिया के एनएच 727 हाईवे पर एक पिकअप और टेंपो आपस में बुरी तरह टकरा गए थे, जिसके बाद पिकअप डिसबैलेंस होकर सड़क पर पलट गया। इस हादसे में पिकअप के ड्राइवर समेत दो लोग घायल हो गए थे, जो इलाज के लिए बगहा अस्पताल गए थे। अस्पताल की लापरवाही को देखकर घायल मरीजों के परिवार ने विरोध किया।
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इस घटना में घायल दो व्यक्तियों में से एक सुरेंद्र ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जो बिहार के बगहा में मिट्टी का सामान लेने गए थे, उसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया। फिलहाल दोनों मरीजों की हालत ठीक है।