हिमाचल प्रदेश आने वाले दूसरे राज्यों के पर्यटक और अन्य व्यावसायिक वाहनों को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। प्रदेश में प्रवेश करने वाले ऐसे वाहनों से लिया जाने वाला कंपोजिट शुल्क खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल रूल्स, 1999 में संशोधन किया जा रहा है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट अधिसूचित कर दिया है। प्रस्तावित संशोधन में मौजूदा नियम 69-ए को पूरी तरह हटाने का प्रावधान किया गया है। ड्राफ्ट पर लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर संशोधित नियम लागू किए जाएंगे।
हिमाचल में हर साल दूसरे राज्यों से करीब एक से डेढ़ लाख व्यावसायिक वाहन प्रवेश करते हैं। इनमें पर्यटक वाहन भी शामिल हैं। मौजूदा व्यवस्था में इन वाहनों को कंपोजिट शुल्क के साथ विशेष पथकर (SRT) भी देना पड़ता है।
प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद कंपोजिट शुल्क की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और संबंधित वाहनों से केवल विशेष पथकर (SRT) लिया जाएगा। इससे दूसरे राज्यों से हिमाचल आने वाले पर्यटक वाहन संचालकों और अन्य व्यावसायिक वाहन मालिकों पर शुल्क का बोझ कम होगा।
क्या बदलने जा रहा है?
मौजूदा व्यवस्था
- दूसरे राज्यों के ऑल इंडिया परमिट वाले व्यावसायिक/पर्यटक वाहन हिमाचल में प्रवेश करते हैं।
- कंपोजिट शुल्क लिया जाता है।
- इसके साथ विशेष पथकर (SRT) भी लिया जाता है।
- शुल्क प्रवेश द्वारों पर परिवहन विभाग के माध्यम से लिया जाता है।
- ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
प्रस्तावित व्यवस्था
- कंपोजिट शुल्क समाप्त होगा।
- नियम 69-ए हटाया जाएगा।
- संबंधित वाहनों से केवल SRT लिया जाएगा।
- इससे बाहरी राज्यों के व्यावसायिक वाहनों की हिमाचल में आवाजाही पर शुल्क का अतिरिक्त बोझ कम होगा।
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अभी कितना लगता है कंपोजिट शुल्क?
मौजूदा नियम 69-ए के तहत अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए प्रतिदिन कंपोजिट शुल्क निर्धारित था।
वाहन की श्रेणी- कंपोजिट शुल्क
4 से 6 सीटर वाहन- ₹200 प्रतिदिन
7 से 8 सीटर वाहन- ₹300 प्रतिदिन
9 से 12 सीटर वाहन- ₹500 प्रतिदिन
13 से 32 सीटर सामान्य/डीलक्स बस- ₹2,500 प्रतिदिन
32 से अधिक सीट वाली बस- ₹3,500 प्रतिदिन
वोल्वो, मर्सिडीज जैसी लग्जरी एसी बस- ₹5,000 प्रतिदिन
यानी किसी लग्जरी एसी बस के लिए मौजूदा व्यवस्था में केवल कंपोजिट शुल्क के रूप में ही ₹5,000 प्रतिदिन तक भुगतान करना पड़ता था। प्रस्तावित संशोधन में यही कंपोजिट शुल्क समाप्त करने का प्रावधान है।
किस वाहन पर लागू था नियम 69-ए?
नियम 69-ए के तहत दूसरे राज्य की स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से ऑल इंडिया परमिट प्राप्त पर्यटक वाहनों के हिमाचल में संचालन पर कंपोजिट शुल्क लिया जाता था। यह व्यवस्था मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 88(9) से जुड़े ऑल इंडिया परमिट वाले वाहनों पर लागू होती थी। नियम के तहत कंपोजिट शुल्क जमा किए बिना वाहन के हिमाचल में संचालन की स्थिति में देय शुल्क के पांच गुना के बराबर अतिरिक्त शुल्क वसूलने का प्रावधान भी था।
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पर्यटन कारोबार पर क्या होगा असर?
हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बड़ी भूमिका है और देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक सड़क मार्ग से प्रदेश पहुंचते हैं। पर्यटक समूहों को लाने-ले जाने वाले टैक्सी, टेंपो ट्रैवलर, बस और अन्य व्यावसायिक वाहन हिमाचल के पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंचते हैं। कंपोजिट शुल्क खत्म होने से ऐसे वाहनों के संचालकों का प्रवेश लागत का एक हिस्सा कम हो सकता है। इसका असर पर्यटन परिवहन कारोबार पर पड़ने की संभावना है। हालांकि, इससे पर्यटकों के पैकेज या किराये में कितनी कमी आएगी, यह वाहन संचालकों और पर्यटन कारोबारियों के व्यावसायिक निर्णयों पर निर्भर करेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ओंकार शर्मा ने हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट अधिसूचित किया है। इसमें हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल रूल्स, 1999 से नियम 69-ए को हटाने का प्रस्ताव है। यह संशोधन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 96 की उपधारा (2) और धारा 212 की उपधारा (1) के तहत प्रस्तावित किया गया है। नए संशोधित नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 होगा।
30 दिन में दे सकते हैं सुझाव
सरकार ने ड्राफ्ट सार्वजनिक करते हुए 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस अवधि में प्राप्त सुझावों पर विचार के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा इसलिए फिलहाल कंपोजिट शुल्क को खत्म करने का प्रस्ताव ड्राफ्ट चरण में है। जब तक संशोधित नियम अंतिम रूप से लागू नहीं होते, तब तक मौजूदा व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
कंपोजिट शुल्क हटाने के प्रस्ताव के बावजूद दूसरे राज्यों के व्यावसायिक वाहनों पर लागू अन्य वैधानिक कर/शुल्क स्वतः समाप्त नहीं होंगे। प्रस्तावित बदलाव का मुख्य बिंदु नियम 69-ए के तहत लिए जाने वाले कंपोजिट शुल्क को हटाना और संबंधित वाहनों से SRT लेने की व्यवस्था जारी रखना है।