उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 यानी कल से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के लाखों यात्रियों के लिए सफर को बेहद आसान और सुविधाजनक बना देगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से काम की शुरुआत इंडिगो एयरलाइन करेगी। कल सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो का पहला जहाज उड़ेगा, जो सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर नोएडा एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। इस ऐतिहासिक आगमन के साथ ही एयरपोर्ट यात्रियों के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। इसके बाद यहीं से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित उड़ान रवाना होगी। इंडिगो की योजना है कि वे इस एयरपोर्ट से लखनऊ, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, श्रीनगर और पंतनगर समेत 16 से अधिक शहरों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ें।
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एयरपोर्ट की बनावट
यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के क्षेत्र में 1,334 हेक्टेयर जमीन पर बना है। अभी इसका पहला चरण पूरा हुआ है, जिसमें एक रनवे, एक बड़ी टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल का टावर शामिल है। इसकी वर्तमान क्षमता सालाना 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों को संभालने की है। भविष्य में इसे चार चरणों में और बड़ा किया जाएगा। वर्ष 2031 तक इसकी क्षमता 3 करोड़ यात्री 2036 तक 5 करोड़ यात्री और 2040 तक 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी। चारों चरण पूरे होने पर यहाँ 5 रनवे होंगे और सालाना 22 करोड़ 50 लाख यात्री सफर कर सकेंगे, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा।
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रोजगार के अवसर
इस एयरपोर्ट को 6 मार्च 2026 को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविऐशन से एयरोड्रोम लाइसेंस मिल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके पहले चरण का उद्घाटन किया था। उत्तर प्रदेश सरकार का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नौकरियां मिलेंगी। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और औद्योगिक सेक्टर में भी भारी निवेश आने की उम्मीद है जो इस पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।