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दोगुने कैश का लालच देकर फंसाते थे, बिहार में हाइटेक ठग गैंग का भंडाफोड़

गोपालगंज पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को नोट दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका था। पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Note doubling racket

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

संजय सिंह, पटना। बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को 'नोट दोगुना' करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी का खेल चला रहा था। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में देर रात हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने मौके से करीब 50 लाख रुपये नकद, नकली नोट तैयार करने वाले केमिकल जब्त किए हैं, साथ ही नोट गिनने की मशीन बरामद की है। इस दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

 

यह कार्रवाई पुलिस अधिकारी विनय तिवारी के निर्देश पर चलाई गई थी। इस गैंग पर छापेमारी एसडीपीओ (SDPO) सिधवलिया ने कराई थी। पुलिस अधिकारियों को लंबे समय से इस गैंग के कारनामों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद गुप्त जानकारी के आधार पर देर रात छापेमारी की गई, जहां पुलिस ने गिरोह को रंगे हाथों पकड़ लिया।

 

शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी पहले लोगों को विश्वास दिलाते थे, फिर नोट दोगुना करने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह के सदस्य खुद को तांत्रिक, केमिकल एक्सपर्ट या बड़े कारोबारी बताकर लोगों को अपने झांसे में लाते थे। इसके बाद नकदी को एक विशेष प्रक्रिया से दोगुना करने का दावा किया जाता था।

 

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जब्त किए गए नोट असली या नकली

 

छापेमारी के दौरान बरामद नोटों को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस यह जांच नहीं कर पाई है कि जब्त की गई पूरी रकम असली है या उसमें नकली नोट भी शामिल हैं। इसकी पुष्टि के लिए सभी नोटों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। बरामद केमिकल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह नकली नोट छापता था या सिर्फ लोगों को ठगने के लिए डेमो तैयार करता था।

 

पुलिस अधिकारी गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ गोपालगंज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बिहार के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गिरोह कब से एक्टिव था, साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

 

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 पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को ऐसे झांसे से सतर्क रहने की जरूरत है। कम समय में पैसा दोगुना करने जैसी स्कीमें अक्सर ठगी और अपराध का हिस्सा होती हैं। पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

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