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एनकाउंटर के साथ बिहार में नए साल की शुरुआत, 25 हजार का इनामी मैनेजर राय घायल

बिहार पुलिस अपराधियों पर बेहद सख्त है। अब तक आठ एनकाउंटर कर चुकी है। सबसे अधिक चार मुठभेड़ छपरा जिले में हुई। वहीं नए साल के पहले दिन कुख्यात मैनेजर राय भी मुठभेड़ में घायल हुआ है।

Bihar News

सांकेतिक फोटो। (AI Generated Image)

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संजय सिंह, पटना। गृह मंत्री का पद संभालने के साथ ही सम्राट चौधरी की पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ एक्शन में दिख रही है। नए साल के पहले दिन ही पटना पुलिस ने कुख्यात अपराधी मैनेजर राय को मुठभेड़ में जख्मी कर दिया। उसे इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया है। यह वही अपराधी है, जिस पर पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद से रंगदारी मांगने का आरोप है। इस पर एक डॉक्टर की हत्या का भी आरोप है।

कैसे मैनेजर राय तक पहुंची पुलिस?

पुलिस को सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी मैनेजर राय खगौल इलाके में किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा है। पटना के सीनियर एसपी ने तुरंत अपने अधीनस्थों को सतर्क किया। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई। तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस बीच खुद को पुलिस से घिरा देख मैनेजर राय ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग घर में दुबक गए। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से मैनेजर राय जख्मी हो गया। उसे तत्काल एम्स में भर्ती कराया गया। 

 

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मैनेजर राय के खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज

मैनेजर राय पर 20 से भी ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर 2022 में मोहम्मद अनबार की हत्या करने का आरोप लगा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व इसने बिहार के तत्कालीन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद से भी रंगदारी मांगी थी। उस मामले में भी राय वांछित था। पुलिस ने इस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। मुठभेड़ के बाद पुलिस का दावा है कि आरोपी के पास से हथियार भी मिले हैं। गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश की जा रही है। पुलिस जल्द ही गिरोह के अन्य लोगों को पकड़ने का दावा कर रही है।

 

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नई सरकार का 8वां एनकाउंटर

बिहार में नई सरकार के गठन और सम्राट चौधरी के गृह मंत्री का पद संभालने के बाद यह 8वां एनकाउंटर है। पुलिस अपराधियों को सीधा संदेश दे रही है कि अपराध के रास्ते को छोड़कर मुख्य में लौटें, नहीं तो किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। बिहरा की नई सरकार में सबसे अधिक चार एनकाउंटर छपरा जिले में हुए। इसके बाद बेगूसराय और गोपालगंज में एक-एक और पटना में दो एनकाउंटर हो चुके हैं। लगातार हो रहे एनकाउंटर से अपराधियों में खौफ है। अपराधी अब बिहार छोड़कर नए ठिकाने तलाशने में जुटे हैं।


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