ओडिशा के केंद्रापाड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में 7वीं कक्षा की छात्रा के साथ यौन शोषण हुआ है। इस छात्रा का आरोप है कि उसके साथ स्कूल के चार शिक्षकों और एक चपरासी ने रेप किया है। पुलिस ने इन अरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्कूल को घर के बाद सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, लेकिन इस मामले ने साबित कर दिया है कि अब बच्चों के लिए स्कूल भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह गया।
पीड़िता ने हाल ही में 14 जनवरी को अपनी मां को यह सब बताया। मां ने सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और केंद्रापाड़ा जिला बाल कल्याण समिति (CWC) में भी शिकायत की। पीड़िता की मां का आरोप है कि स्कूल के चार शिक्षकों और एक चपरासी ने बच्ची को धमकाकर बार-बार गलत व्यवहार किया और बलात्कार जैसा अपराध अंजाम दिया।
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CWC की जांच
सीडब्ल्यूसी (CWC) को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, उनकी टीम पीड़िता के स्कूल पहुंची। उन्होंने स्कूल परिसर का जायजा लिया और शुरुआती जांच की है ताकि आरोपों की पुष्टि हो सके। सीडब्ल्यूसी की टीम के साथ पुलिस अधिकारियों ने भी जांच की। पुलिस स्कूल के कुछ शिक्षकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।
उसके बाद पुलिस ने 21 फरवरी को बिस्वा रंजन साहू (31), बिस्वा रंजन साहू (31), रश्मि कांता बिस्वाल (47), मिनती बाई (34) और एक चपरासी रश्मि रंजन राणा (32) को गिरफ्तार कर लिया है।
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POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज) एक्ट की धारा के तहत दर्ज किया गया है साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं जैसे गैंग रेप, आपराधिक धमकी के तहत केस दर्ज किया है। क्योंकि पीड़िता नाबालिग है और गैंग रेप का मामला है, इसलिए दोषी पाए जाने पर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा हो सकती है। अभी जांच जारी है। यह मामला बेहद संवेदनशील है और बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत पर जोर देता है।