logo

मूड

ट्रेंडिंग:

हॉस्टल में नहीं मिलता था ढंग का खाना, विरोध में 180 छात्र पैदल घर की ओर निकले

ओडिशा में एक सरकारी स्कूल के हॉस्टल में छात्रों ने खराब खाने और अन्य असुविधाओं के कारण हॉस्टल छोड़ दिया। करीब 180 छात्र पैदल ही अपने घर की ओर निकल गए।

Odisha Students

हॉस्टल छोड़कर निकले छात्र, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

ओडिशा के नबरंगपुर जिले में सरकारी हॉस्टल में खराब खाना और बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज 180 से ज्यादा छात्रों ने एक साथ हॉस्टल छोड़ दिया। झरीगांव ब्लॉक के सानटेमरा हाई स्कूल के सरकारी हॉस्टल में रहने वाले ये बच्चे करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर अपने घरों की ओर निकल पड़े। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इस घटना ने सरकारी हॉस्टलों में की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्रों की शिकायत है कि हॉस्टल में उन्हें लगातार खराब क्वालिटी का खाना दिया जा रहा था। इसके अलावा हॉस्टल में कमरों में जरूरी सुविधाओं की कमी है। बताया जा रहा है कि छात्रों ने चावल में कीड़े मिलने, शौचालय की समस्या और खेल के सामान की कमी जैसी शिकायतें भी की हैं। छात्रों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायत की गई, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

 

यह भी पढ़ें: 'CM और सरकारों से कहेंगे कि हमें सौंप दो', एक और मंदिर आंदोलन करेगा VHP?

सुरक्षा को लेकर खतरा

हॉस्टल की इमारत और दूसरी सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्रों और उनके अभिभावकों के मुताबिक, बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है। मधु माझी नाम की एक महिला ने बताया कि बारिश के समय पानी अंदर आने के कारण बच्चों के लिए हॉस्टल में सोना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, हॉस्टल की बाउंड्री वॉल भी गिर चुकी है और बच्चों को शौचालय तथा पानी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

 

घर के लिए पैदल निकले छात्र

इन सारी समस्याओं से नाराज छात्रों ने हॉस्टल में रहने के बजाय अपने घर लौटने का फैसला किया। 180 से ज्यादा छात्र अपने सामान के साथ पैदल निकल पड़े। छात्र करीब 12 किलोमीटर पैदल चलकर अपने घरों की तरफ गए हैं। रास्ते में स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने उन्हें देखा और इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को घर ले गए।

स्कूल की प्रिंसिपल ने क्या कहा?

इस पूरे मामले में स्कूल की प्रिंसिपल का बयान भी सामने आया है। प्रिसिंपल राजलक्ष्मी महाराणा ने छात्रों के ज्यादातर आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने खास तौर पर इस आरोप को गलत बताया कि छात्रों को सड़ा हुआ चावल परोसा जा रहा था। हालांकि, उन्होंने यह माना की हॉस्टल में कुछ समस्याएं हैं। उनके अनुसार, छात्रों की मुख्य समस्या हॉस्टल में कमरों की कमी से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि नए हॉस्टल कमरे बनवाने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन जगह की कमी के कारण परेशानी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने हॉस्टल की समस्या के साथ दूसरी शिकायतें भी जोड़ दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल की ओर से छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने और वापस हॉस्टल लाने की कोशिश की जाएगी।

 

यह भी पढ़ें: 'हेलो अंकल अमरिंदर...', राहुल गांधी ने बताया कौन है उनका फेवरेट BJP नेता

मौके पर पहुंचे अधिकारी

इस घटना घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन भी एक्टिव मोड में आया। असिस्टेंट ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर और ब्लॉक वेलफेयर एक्सटेंशन ऑफिसर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। स्थानीय स्तर पर हॉस्टल की समस्याओं को दूर करने के प्रयास शुरू करने की बात कही। प्रिंसिपल ने कहा कि  हॉस्टल की स्थिति सुधारने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और स्थानीय ग्रामीण भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होगा वे हॉस्टल में नहीं आएंगे। 

Related Topic:#Odisha News

और पढ़ें