बिहार के पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की कॉपियां गलत तरीके से चेक करके उन्हें फेल किया जा रहा है। इससे छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। पप्पू यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
गर्दनीबाग में धरने पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचे पप्पू यादव ने कहा, 'एक साल में दो-दो बार परीक्षा ली जा रही है। कई बच्चों का सेशन तीन-तीन साल तक लेट रहता है जबकि कहा जाता है कि कोई सेशन लेट नहीं है। इससे छात्रों का साल बर्बाद हो रहा है लेकिन विश्वविद्यालय को इसकी चिंता नहीं है। बच्चे कई दिनों तक पढ़ाई करते हैं और फिर अचानक परीक्षा की तारीख निकाल दी जाती है।'
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फीस के नाम पर हजारों लेने का आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों से फीस के नाम पर हजारों रुपये लिए जाते हैं। एडमिशन, परीक्षा फॉर्म, प्रैक्टिकल और सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, 'गरीब छात्र इतना पैसा कहां से लाएंगे। विश्वविद्यालय शिक्षा देने के बजाय पैसे कमाने का अड्डा बन गया है।'
उन्होंने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पप्पू यादव ने कहा, 'दोनों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों की समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं। बच्चे कई दिनों से धरने पर बैठे हैं लेकिन VC उनसे मिलने तक नहीं आ रहे हैं।' उन्होंने इसे तानाशाही बताया और कहा कि आखिर छात्रों के साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हो रहा है।
उन्होंने कहा, 'सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। बच्चों को अपना बच्चा समझकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में लूट बंद होनी चाहिए। अगर छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।'
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परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप
पप्पू यादव ने PG परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा, परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए।' छात्र जब परीक्षा देने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पेपर में ऐसे सवाल थे जो उन्हें पढ़ाए ही नहीं गए थे। इसके बाद छात्रों ने हंगामा किया तो परीक्षा करीब तीन घंटे के लिए टाल दी गई। बाद में नया प्रश्नपत्र छपवाकर छात्रों को दिया गया।
पप्पू यादव ने कहा, 'इससे विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। बिना तैयारी के परीक्षा ली जा रही है। पेपर सेट करने वाले को यह भी पता नहीं है कि सिलेबस क्या है।' उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। क्या VC और रजिस्ट्रार इसकी जिम्मेदारी लेंगे? उन्होंने कहा, 'यह पहली बार नहीं हुआ है। हर बार परीक्षा में किसी न किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है। कभी पेपर लीक होने की बात आती है तो कभी गलत सवाल पूछे जाते हैं। छात्रों ने कई बार शिकायत की लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।'
पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को पास कराने के नाम पर पैसे मांगे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर छात्रों से 60 हजार रुपये तक मांगे जाने की बात कही जा रही है। कुछ छात्रों से यह भी कहा जाता है कि पैसे देने पर उन्हें पास करा दिया जाएगा।
उन्होंने प्राइवेट छात्रों से कथित तौर पर तीन लाख रुपये लिए जाने जैसी शिकायतों का भी जिक्र किया। इधर, गर्दनीबाग में छात्रों का धरना जारी है। छात्र VC और रजिस्ट्रार को हटाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक धरना जारी रहेगा। पप्पू यादव के छात्रों से मिलने के बाद धरना दे रहे छात्रों में भी उत्साह देखने को मिला।