इंटरनेट मीडिया पर एक दर्दनाक वीडियो वायरल है। इसमें दिख रहा है कि एक युवक एंबुलेंस में तड़प रहा है। उसके मां-बाप उसे संभालने का प्रयास करते हैं। मगर युवक बेसुध हो जाता है। कुछ देर बाद ही माता-पिता की गोद में मौत हो जाती है। आरोप है कि एंबुलेस में ऑक्सीजन खत्म होने से युवक की तबीयत बिगड़ी और कुछ ही देर में जान चली गई। युवक के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला मध्य प्रदेश के मंडला जिले का है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भी ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रेशर गेज जीरो पर दिख रहा है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक 27 जुलाई को अजीत बरैया (21) नाम के मरीज की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अजीत से जुड़ा बताया जा रहा है। लेकिन अभी तक वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि परिजनों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह वीडियो एंबुलेंस का ही है।
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किडनी की समस्या से जूझ रहा था अजीत
मृतकों के परिजनों ने बताया कि अजीत किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। उसका डायलिसिस चल रहा था। 27 जुलाई को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे खांसी के साथ सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एक घंटे देरी से पहुंची एंबुलेंस के कर्मचारियों ने डॉक्टर के निर्देश के बिना ऑक्सीजन लगाने से मना कर दिया।
रास्ते में ही चली गई जान
सबसे पहले अजीत को बम्हनी स्वास्थ्य केंद्र लाय गया। यहां डॉक्टरों के कहने पर उसे ऑक्सीजन लगाया गया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही ऑक्सीजन सिलेंडर खाली हो गया। उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। एंबुलेंस में ही वह तड़पने लगा। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी जान चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर ऑक्सीजन सिलेंडर भरा होता तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी।
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अधिकारी मे क्या कहा?
जिला स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि मामले की शिकायत वरिष्ठ कार्यालय भेजी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 108 एंबुलेंस का संचालन भोपाल से होता है। जिला स्वास्थ्य विभाग का सीधा नियंत्रण नहीं है। यहां से सिर्फ शिकायत भेजी जा सकती है। कार्रवाई भोपाल के स्तर पर होती है।