बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर एक डॉक्टर से 2.03 करोड़ रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। डॉक्टर की पत्नी ने मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा इलाके की एक कोचिंग संचालिका, उसके पति और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ राजीव नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2024 में मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित एक कोचिंग संस्थान की संचालिका और उसके पति ने डॉक्टर से दोस्ती की। इसके बाद महिला और डॉक्टर के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। आरोप है कि पहले महिला ने अपनी मां के इलाज के नाम पर 20 हजार रुपये मांगे। डॉक्टर ने मदद के तौर पर यह रकम दे दी। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार पैसों की मांग होने लगी।
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पुरानी सेल्फी दिखा दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी
शिकायत के अनुसार जब डॉक्टर ने आगे पैसे देने से इनकार किया तो नवंबर 2025 में कोचिंग संचालिका और उसके पति ने उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित अपने कार्यालय के पास बुलाया। आरोप है कि वहां महिला ने डॉक्टर को एक पुरानी सेल्फी दिखाकर दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी दी। इसके साथ ही पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। डर के कारण डॉक्टर ने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से कोचिंग संचालिका और उसके पति को कुल 2.03 करोड़ रुपये दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने डॉक्टर से मुजफ्फरपुर कोर्ट परिसर में स्टांप पेपर पर यह भी लिखवाया कि अब तक दी गई राशि वापस नहीं मांगी जाएगी। डॉक्टर ने दबाव में आकर स्टांप पर हस्ताक्षर भी कर दिए। इसके बावजूद आरोपियों ने कभी आत्महत्या करने तो कभी दुष्कर्म का केस दर्ज कराने का डर दिखाकर फिर से पैसे मांगे।
डॉक्टर की पत्नी ने पुलिस को बताया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं। आरोप है कि यह गिरोह सीधे-साधे और संपन्न लोगों से दोस्ती कर उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता है। लगातार धमकी और पैसों की मांग से परेशान होकर डॉक्टर की पत्नी ने राजीव नगर थाने में कोचिंग संचालिका, उसके पति और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
एफआईआर में रंगदारी, धमकी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं। डॉक्टर की पत्नी ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन के सबूत और स्टांप पेपर की कॉपी भी सौंपी है। उनका कहना है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उनके पति को फंसाकर करोड़ों की ठगी की है।
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पुलिस ने शुरू की जांच
राजीव नगर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब डॉक्टर के बैंक खातों से हुए लेन-देन, आरोपियों के खातों, व्हाट्सएप बातचीत और मुजफ्फरपुर में बनवाए गए स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों के कॉल डिटेल और कोचिंग संस्थान के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ब्लैकमेल और रंगदारी के सबूत मिले हैं। जल्द ही आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मुजफ्फरपुर पुलिस की भी मदद ली जाएगी।