बिहार की राजधानी पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में विद्यापुरी पार्क के पास 5 जनवरी को शाम करीब 6 बजे कुख्यात अपराधी अमन शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक सवार हमलावरों ने अमन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ नहीं कह रही है लेकिन इसे गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अमन बैंक डकैती गिरोह का मास्टरमाइंड था। उसने 22 जून 2020 को दिनदहाड़े बेऊर के हरनीचक मोड़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 52 लाख रुपये की डकैती को अंजाम दिया था।
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लूट के रुपये बने हत्या का कारण
बैंक से हुए 52 लाख लूट के मामले में पुलिस ने बाद में आरोपियों के पास से करीब 33 लाख रुपये और कुछ गहने बरामद किए थे जबकि 12 लाख रुपये का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का अनुमान है कि इसी रकम के बंटवारे को लेकर अमन और उसके साथियों के बीच विवाद चल रहा था।
हत्या की जांच के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पत्रकार नगर, कंकड़बाग और चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को लगाया गया है। कुल चार टीमें बनाई गई हैं, जिनमें दो तकनीकी जांच करेंगी और दो टीमें छापेमारी कर आरोपियों की तलाश करेंगी। घटनास्थल से CCTV फुटेज भी जब्त किया गया है जिसमें शूटरों की तस्वीरें और बाइक का नंबर साफ नजर आ रहा है।
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घटना के बाद इलाके में डर का माहौल
यह हमला कंकड़बाग इलाके में एक डायग्नोस्टिक सेंटर के पास हुआ। बाजार क्षेत्र होने के कारण उस समय काफी भीड़ थी लेकिन गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में दहशत फैल गई। हमलावर आसानी से मौके से भाग निकले।
5 साल बाद जेल से छूटा
बैंक डकैती के मामले में जेल गया अमन करीब पांच साल बाद मई 2025 में बाहर आया था। इसके बाद वह पहचान बदलकर सामान्य जीवन जी रहा था। पुलिस का मानना है कि उसके पुराने आपराधिक मामलों की वजह से ही उसकी हत्या की गई है। यह वारदात अमन की पत्नी पूजा के सामने हुई, जिसके बाद वह सदमे में आ गई हैं। अमन का करीब 9 साल का बेटा भी है जिसका रो-रोकर बुरा हाल है।