झारखंड के चतरा जिले के जंगलों में 23 फरवरी की रात एक एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। इसी तरह की एक और खबर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से सामने आई। वहां एक हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। हेलीकॉप्टर में भी सात लोग सवार थे और सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
24 फरवरी (मंगलवार) की सुबह पोर्ट ब्लेयर से पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर उड़ान भरा। इसे मायाबंदर के पास उतरना था लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले तकनीकी खराबी आ गई। इसी वजह से हेलीकॉप्टर बैलेंस खो बैठा और समंदर में गिर गया।
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कैसे हुआ हादसा?
यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे की है। हेलीकॉप्टर में दो क्रू मेंबर्स और पांच यात्री सवार थे। गनीमत यह रही कि यह हादसा रनवे से महज 300 मीटर की दूरी पर हुआ, जिससे समय रहते बचाव कार्य शुरू किया जा सका। कंपनी के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि पानी में गिरने के बावजूद सभी 7 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
झारखंड में हुआ दर्दनाक हादसा
एक तरफ जहां अंडमान में लोगों की जान बच गई, वहीं झारखंड के चतरा में रेडबर्ड एयरवेज की एक 'बीचक्राफ्ट C-90' एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जाते समय चतरा के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दुखद हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई है।
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डीजीसीए (DGCA) के मुताबिक, विमान ने शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी लेकिन कुछ ही देर बाद उसका संपर्क रडार से टूट गया। मरने वालों में दो पायलट, एक डॉक्टर और मरीज के परिजन शामिल थे। प्रशासन ने सभी शवों की पहचान कर ली है और मामले की जांच जारी है।