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पटना: आंदोलन में हिंसा के आरोप में 120 की तस्वीर जारी, पुलिस ने शुरू की धरपकड़

पटना में हाल में हुए आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव मामले में पुलिस ने उपद्रव में शामिल 120 लोगों की तस्वीरें जारी की हैं।

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पटना पुलिस ने जारी की तस्वीरें। Photo Credit (@PatnaPolice24x7)

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संजय सिंह, पटना। राजधानी पटना में हाल में हुए आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने उपद्रव में शामिल बताए जा रहे 120 लोगों की तस्वीरें जारी कर दी हैं। साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए पटना और आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पटना पुलिस का कहना है कि इन सभी लोगों की पहचान वीडियो फुटेज, सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, ड्रोन फुटेज और घटनास्थल पर मौजूद अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई है। 

 

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

 

पुलिस और मीडिया कर्मियों पर हुआ था हमला  

 

पुलिस के अनुसार आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था भंग की बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इसके अलावा समाचार कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों के साथ भी मारपीट और तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने कैमरा और अन्य उपकरण तोड़ दिए। इन्हीं आरोपों के आधार पर संबंधित थानों में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

 

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में सरकारी काम में बाधा, मारपीट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हमला करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं।

 

120 लोगों की तस्वीर जारी, चल रही छापेमारी  

 

पुलिस ने 120 उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। तस्वीरें सोशल मीडिया और अखबारों के जरिए जारी की गई हैं ताकि आम लोग भी पहचान में मदद कर सकें। पुलिस ने बताया कि इन लोगों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पटना के अलावा नालंदा, वैशाली, सारण और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। कई जगहों पर दबिश भी दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है। अन्य वीडियो और तस्वीरों की भी जांच की जा रही है ताकि उपद्रव में शामिल बाकी लोगों की पहचान हो सके।

 

 

 

 

आम लोगों से मांगी मदद  

 

पटना पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर जारी की गई तस्वीरों में किसी व्यक्ति की पहचान होती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और उपद्रव किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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डिजिटल साक्ष्य बने आधार  

 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक उपद्रवियों की पहचान के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके अलावा ड्रोन से ली गई तस्वीरें और मोबाइल से बने वीडियो भी जांच में मददगार साबित हुए। पुलिस ने कई व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पोस्ट को भी खंगाला है। इसमें उपद्रव की साजिश और भीड़ को उकसाने के साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं के आधार पर आरोपियों की सूची तैयार की गई है।

 

प्रशासन सख्त, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई  

 

जिला प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि आंदोलन के नाम पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और पुलिस पर हमला करना गंभीर अपराध है।पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कहा है कि अगर कोई व्यक्ति भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उस पर भी कार्रवाई होगी।

 

क्या था मामला?

 

पिछले दिनों पटना में एक संगठन द्वारा आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में शामिल हो गए और उपद्रव शुरू कर दिया। उन्होंने बैरिकेड तोड़े, पुलिस पर पथराव किया और मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी की। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और तकनीकी जांच शुरू की। 

 

इसी जांच के बाद 120 लोगों की पहचान कर उनकी तस्वीरें जारी की गई हैं। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की जाएगी।


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