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गोरखपुर जिला जेल से पॉक्सो आरोपी फरार, जेलर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड

यूपी के गोरखपुर जिले से किशोरी को भगाने का आरोपी जिला जेल से सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरु कर दी है।

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गोरखपुर जिला जेल, Photo Credit : Social Media

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला जेल से पॉक्सो एक्ट के आरोपी के फरार होने की सनसनीखेज घटना ने प्रदेश की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमित गिनती के दौरान बंदी के गायब होने का पता चलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। पूरे जेल परिसर की घेराबंदी कर बैरकों, वार्डों और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।

मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया। फरार आरोपी की पहचान बांसगांव थाना क्षेत्र निवासी विपिन के रूप में हुई है। उसे 18 जुलाई को नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत के आदेश पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गोरखपुर जिला जेल भेजा गया था।

 

गिनती के दौरान खुली सुरक्षा में बड़ी चूक

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बंदियों की नियमित गिनती के दौरान विपिन के लापता होने की जानकारी मिली। इसके बाद जेल प्रशासन ने सभी बैरकों की दोबारा गिनती कराई और पूरे परिसर में तलाशी अभियान चलाया। स्थानीय पुलिस को सूचना देकर संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन आरोपी का देर शाम तक कोई सुराग नहीं लग सका।


प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने जेल परिसर में मौजूद पेड़ पर चढ़कर उसकी डालियों के सहारे सुरक्षा दीवार पार की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और जेल कर्मचारियों से पूछताछ कर फरारी के पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी को किसी अंदरूनी मदद तो नहीं मिली।

 

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जेलर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड

घटना की जानकारी मिलते ही डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ जिला जेल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जेलर अरुण कुमार समेत पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, जेल की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कई जिलों में अलर्ट, ताबड़तोड़ दबिश

फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि आरोपी प्रदेश से बाहर न निकल सके।दिनदहाड़े जिला जेल से पॉक्सो आरोपी का फरार होना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

 

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इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आरोपी के फरार होने से जेल प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि यह केवल लापरवाही का मामला है या फरारी के पीछे किसी कर्मचारी की मिलीभगत भी थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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