डिजिटल युग में जहां व्हाट्सएप और ई-मेल ने चिट्ठियों की जगह ले ली है वहीं अब डाक विभाग फिर से कलम-कागज की परंपरा को जिंदा करने जा रहा है। युवाओं में लेखन की आदत डालने और अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता बढ़ाने के लिए डाक विभाग ने राष्ट्रीय स्तर पर (ढाई आखर) पत्र-लेखन प्रतियोगिता 2026 शुरू की है। इस बार प्रतियोगिता की थीम 'एक चिट्ठी धरती मां के नाम: प्रकृति की रक्षा, मेरा वादा' रखी गई है यानी प्रतिभागियों को धरती मां के नाम एक चिट्ठी लिखकर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार और संकल्प शेयर करने होंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है और देश के किसी भी कोने से कोई भी नागरिक इसमें हिस्सा ले सकता है।
डाक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ हस्तलिखित पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे। कंप्यूटर या मोबाइल पर टाइप किए गए पत्र अमान्य होंगे। प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी स्थानीय भाषा में पत्र लिख सकते हैं। इससे बिहार, झारखंड समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग अपनी मातृभाषा में दिल की बात कह सकेंगे। पत्र साफ-सुथरे अक्षरों में और तय शब्द सीमा में होना चाहिए।
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दो आयु वर्ग में होगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में बांटा गया है। पहला वर्ग 18 वर्ष तक के बच्चों और युवाओं का है जबकि दूसरा वर्ग 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए है। दोनों आयु वर्ग के प्रतिभागी अंतर्देशीय पत्र और लिफाफा श्रेणी में हिस्सा ले सकते हैं। अंतर्देशीय पत्र में अधिकतम 500 शब्द और लिफाफा श्रेणी में 1000 शब्द तक लिखे जा सकते हैं। यानी कुल चार श्रेणियों में प्रतियोगिता आयोजित होगी।
प्रतियोगिता का चयन दो चरणों में होगा। पहले सर्किल स्तर पर सभी पत्रों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद हर सर्किल से चुने गए श्रेष्ठ पत्र राष्ट्रीय स्तर पर भेजे जाएंगे जहां अंतिम विजेताओं का चयन होगा। मूल्यांकन के दौरान भाषा, विषय की समझ, मौलिकता, रचनात्मकता और लेखन शैली को देखा जाएगा। सर्किल स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को क्रमशः 25 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक श्रेणी के प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को 50 हजार, 25 हजार और 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। विजेताओं को प्रमाण पत्र और प्रशस्ति पत्र भी दिए जाएंगे।
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पर्यावरण बचाने का संदेश देगी प्रतियोगिता
डाक विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इस प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ लेखन को बढ़ावा देना नहीं है। थीम धरती मां के नाम चिट्ठी के जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, पेड़-पौधे बचाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी पर सोचने के लिए प्रेरित करना है। पिछले कुछ सालों में पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में विभाग चाहता है कि लोग कलम के जरिए अपना संकल्प व्यक्त करें। इससे एक तरफ युवा लेखन से जुड़ेंगे, दूसरी तरफ पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ेगी ।
प्रतिभागी अपना हस्तलिखित पत्र लिफाफे में बंद कर 31 अक्टूबर तक अपने नजदीकी डाकघर में जमा कर सकते हैं या डाक से भेज सकते हैं। लिफाफे पर ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता -2026 और अपनी आयु वर्ग व श्रेणी का जिक्र जरूर करें।