जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़ा बयान दिया है। पीके का मानना है कि पिछले 8-10 वर्षों से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता कम हुई है। उन्होंने कहा, ज्ञानेश कुमार को हटाने की बात इसलिए हो रही है क्योंकि उनके खिलाफ सीधा-सीधा सबूत दिख रहा है। लेकिन उनके हटने से पूरी प्रक्रिया बेहतर नहीं होगी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने के बाद भी मामला ठंडा नहीं पड़ने वाला है। यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं है।
प्रशांत किशोर ने पिछले विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा चुनाव के 2 दिन पहले 10000 रुपए देकर वोट खरीदा जाता है। चुनाव आयोग को अपने काम करने के तरीके को और पारदर्शी बनाना चाहिए। पीके ने सातवें वेतनमान (सलैरी स्केल) और नीरज कुमार पर भी खुलकर बोला है।
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'SIR के नाम काटे जा रहे लाखों वोटर'
प्रशांत किशोर ने कहा कि वोटर रोल बनाने का मामला हो या फिर
SIR
के जरिए वोटरों के नाम काटने का मामला हो। चुनाव आयोग और पारदर्शी नहीं होगा तो इस पर सवाल तो उठेंगे ही। लोग रोड पर उतरे हैं और यह मामला आगे बढ़ेगा। पीके ने देश में कई तरह के विवाद का कारण बने SIR पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, बिहार में SIR के नाम पर लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। गरीब, दलित, पिछड़ों के वोट काटकर चुनाव को मैनेज करने की कोशिश हो रही है। इसका विरोध होना चाहिए।
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जसुपा के आने सरकार अधिक मेहनत कर रही
प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को सातवें वेतनमान देने पर भी बात की। उन्होंने कहा, हमने शिक्षकों को सातवें वेतनमान देने की बात कही तो NDA की बैठक बुलाई जा रही है। पीके ने जनता से रोजगार और सातवें वेतनमान की मांग करने की अपील की। जन सुराज ने इन बातों को उठाया है। हम लोगों की सक्रियता के बाद सरकार को अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।
'बिहार में जाति-धर्म पर वोटिंग'
प्रशांत ने कहा कि बिहार में आज भी लोग जाति और धर्म के नाम पर वोट देते हैं। फिर 5 साल तक गरीबी और बेरोजगारी का रोना रोते हैं। अगर बिहार को बदलना है तो वोट रोजगार, शिक्षा और वेतनमान के नाम पर देना होगा। जन सुराज ने शिक्षकों, युवाओं और किसानों के मुद्दे उठाए हैं। इसलिए सरकार अब हरकत में आई है। NDA की बैठकें हो रही हैं और घोषणाएं हो रही हैं। लेकिन जनता अब समझदार हो गई है। वह घोषणाओं पर नहीं, बल्कि काम पर वोट देगी।
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'सड़क पर भौंकने वाले लोग'
जदयू नेता नीरज कुमार और जन सुराज पार्टी के अनुज सिंह एमएलसी चुनाव में आमने-सामने हैं। नीरज कुमार पर बोलते हुए पीके ने कहा कि सड़क पर भौंकने वाले लोग हैं, इनकी यही औकात है। पीके यहीं नहीं रूके, उन्होंने आगे कहा कि नीरज कुमार
नीतीश कुमार
की आवाज हैं। लेकिन इनको उनके घर में जाने की औकात नहीं है। नीरज कुमार औकात से अधिक बोलने लगे थे इसलिए उनका अंत होने वाला है। प्रशांत किशोर ने बताया कि नीरज कुमार ने उन पर FIR करने की कोशिश की थी। पीके ने कहा नीरज कुमार MLC भी जाएगा और रोड पर आ जाएंगे।
'नीरज कुमार की कोई राजनीतिक हैसियत नहीं'
प्रशांत ने कहा कि नीरज कुमार जैसे लोग सिर्फ मीडिया में बयानबाजी करते हैं। उनकी कोई राजनीतिक हैसियत नहीं है। वे नीतीश कुमार के इशारे पर बोलते हैं, लेकिन नीतीश कुमार खुद उनके बयानों को ऑन रिकॉर्ड नहीं कहते। यदि नीतीश कुमार में हिम्मत है तो वे खुद मीडिया के सामने आकर बोलें।