विशेष गहन पुनरीक्षण (
SIR
) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच जारी विवाद अब और तीखा होता दिख रहा है। दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद हिमाचल की पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और CWC सदस्य प्रतिभा सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बदलाव के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर असर पड़ा है।
प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान से जुड़े इस मुद्दे को अब देशभर में उठाएगी। उनके मुताबिक CWC की बैठक में
राहुल गांधी
ने पार्टी नेताओं से ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर व्यापक अभियान चलाने का आह्वान किया है। कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक ले जाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
प्रतिभा सिंह ने SIR के दौरान चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग में असहमति सामने आने के बावजूद कुछ फैसले एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था में मतदाता सूची की भूमिका सबसे अहम है। ऐसे में यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हटता है या उसके मताधिकार पर असर पड़ता है तो यह गंभीर विषय है।
प्रतिभा सिंह ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के तहत अब तक 13 लाख से अधिक मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने इसी आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि, 13 लाख से अधिक मतदाताओं के संबंध में यह आंकड़ा प्रतिभा सिंह के बयान में किया गया दावा है। इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलाव और उसके कारणों की आधिकारिक जानकारी इस बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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CWC में तय हुई आंदोलन की रणनीति
प्रतिभा सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर नागरिकों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि मतदाता के अधिकार से जुड़ा विषय लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद से जुड़ा है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चुनाव आयोग, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। बैठक के बाद पार्टी ने इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाने का रुख स्पष्ट किया। प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और देशभर में लोगों के बीच जाकर मतदाता सूची तथा उनके मताधिकार से जुड़े सवाल उठाएगी।
BJP से भी माफी की मांग
प्रतिभा सिंह ने कहा कि यदि कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो इसके लिए भाजपा को भी देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव का असर सीधे नागरिकों के मतदान के अधिकार पर पड़ता है। अब SIR को लेकर कांग्रेस के आरोप, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में हुए वास्तविक बदलाव इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।