पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह पर पार्टी नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है और इसको लेकर अगले 48 घंटों में फैसला हो सकता है। राजा वड़िंग के खिलाफ पार्टी में पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी का गुट मुखर होकर आवाज उठा रहा है जिसके चलते अब पार्टी बड़ा फैसला ले सकती है। इससे पहले 5 सितंबर को पार्टी ने भूपेश बघेल की जगह राजस्थान से आने वाले सचिन पायलट को राज्य का प्रभारी बनाया।
5 सितंबर को सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद राज्य में पार्टी के तमाम नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया। सचिन पायलट के नेतृत्व में जब चंडीगढ़ में प्रदर्शन हुआ तो उसमें चरनजीत सिंह चन्नी, राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा तमाम बड़े नेता एक साथ दिखाई दिए। तीन महीने में पहली बार ये नेता एक साथ एक मंच पर नजर आए थे। इसे सचिन पायलट की बड़ी सफलता के रूप में देखा गया लेकिन नेतृत्व परिवर्तन का सवाल उनके सामने भी खड़ा था।
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सचिन पायलट ने दी रिपोर्ट
इस प्रदर्शन के बाद सचिन पायलट ने पार्टी संगठन को लेकर कई बड़ी बैठकों का आयोजन किया। उन्होंने दिल्ली में
राहुल गांधी
और
प्रियंका गांधी
समेत तमाम बड़े नेताओं से कई बार मुलाकात की। इसके साथ ही यूथ कांग्रेस, कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से मीटिंग की। इसके बाद उन्होंने एक विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान के सामने पेश कर दी है। अब कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी इस रिपोर्ट पर चर्चा होगी और माना जा रहा है कि इस चर्चा के बाद पंजाब कांग्रेस के लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
नेतृत्व परिवर्तन की मांग
जैसे-जैसे पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की मांग बढ़ती जा रही है। पार्टी के कई नेता राजा वडिंग की अगुवाई में चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। मई और जून के महीने में प्रधान बदलने की मांग पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने उठाई और जुलाई में पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी। हालांकि, नेतृत्व परिवर्तन की मांग को पार्टी ने खारिज कर दिया।
पार्टी ने प्रधान के पद पर राजा वडिंग और नेता प्रतिपक्ष के पद पर प्रताप सिंह बाजवा के नाम को बनाए रखा। इसके अलावा चरनजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया और अन्य बड़े नेताओं को भी अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई लेकिन चन्नी इससे नाराज हो गए। इसके बाद चन्नी गुट ने पार्टी के इस फैसले के खिलाफ खुली बगावत कर दी और पार्टी को राज्य के प्रभारी को भी बदलना पड़ा।
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किन नामों पर चर्चा?
पंजाब कांग्रेस में अब नए प्रधान के नाम को लेकर चर्चा हो रही है। संभावित नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। वह हिंदू हैं और किसी भी गुट से जुड़े हुए नहीं है, जिसके चलते उनकी संभावना अन्य संभावित उम्मीदवारों की तुलना में ज्यादा बताई जा रही है। हालांकि, उनके अलावा चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, परगट सिंह, गुरजीत सिंह औजला और सुखबिंदर सिंह सरकारिया के नाम की भी चर्चा चल रही है।