पंजाब सरकार ने बेअदबी को रोकने के लिए बने कानून 'दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026' पर अकाल तख्त के सख्त रुख के बाद अब एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी बेअदबी रोधी कानून पर अकाल तख्त द्वारा गठित समिति के साथ समन्वय करेगी, विचार-विमर्श करेगी और आगे के कदम के लिए अपने सुझाव देगी।
पंजाब सरकार ने विधानसभा में 'दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026' 13 अप्रैल 2026 को पास किया था। इस कानून पर अकाल तख्त साहिब की तरफ से सख्त आपत्ति दर्ज करवाई गई। अकाल तख्त ने इस मामले में सभी सिख विधयाकों को समन जारी किया था और विधायकों की अकाल तख्त के सामने पेशी भी हुई। इस पेशी में अकाल तख्त ने अपना रुख साफ कर दिया, जिसके बाद पंजाब सरकार बैकफुट पर आ गई। अकाल तख्त ने तमाम सिख विधायकों से और सरकार से इस कानून को बदलने की मांग की।
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अब सरकार ने बनाई कमेटी
अब पंजाब सरकार के गृह मंत्रालय ने इस मामले में अकाल तख्त के साथ समन्वय के लिए एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल प्रमुख ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, रामपुर खेड़ा के संत बाबा सेवा सिंह, रिटायर्ड जज जसपाल सिंह, रिटायर्ड जज गुरबीर सिंह, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एवं पंजाब लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख और प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।
कमेटी क्या काम करेगी
इस कानून को लेकर अकाल तख्त और सरकार के बीच लंबा टकराव देखेने को मिलेगा। दोनों के बीच सख्त बयानबाजी भी देखने को मिली जिसके बाद सरकार को अपना कदम पीछे लेना पड़ा। पंजाब में बेअदबी रोधी कानून की मांग लंबे समय से हो रही है और सरकार ने यह कानून बनाया भी लेकिन बिना अकाल तख्त की मंजूरी के। विवाद की मुख्य वजह यही है और इसी को लेकर अकाल तख्त नाराज है। अब इस कमेटी का काम अकाल तख्त के साथ समन्वय स्थापित करना होगा ताकि इस कानून पर चर्चा की जा सके और आगे क्या करना है यह तय किया जा सके। यह कमेटी आगे क्या कदम उठाना है इसको लेकर महत्वपूर्ण मुद्दों और सुझावों पर पंजाब सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी।
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अकाल तख्त ने भी बनाई कमेटी
अकाल तख्त ने जुलाई 2026 में सरकार के जवाब पर आपत्ति जताई थी। सरकार और अकाल तख्त के बीच लगातार टकराव बढ़ता गया। इसके बाद अकाल तख्त ने पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस कमेटी में रुपिंदर सिंह सोढ़ी, मोहिंदर मोहन सिंह बेदी, पूरन सिंह हुंदल, केहर सिंह और जगमोहन सिंह शामिल हैं। अब पंजाब सरकार ने भी कमेटी बना दी है और दोनों मिलकर इस टकराव को खत्म करने की कोशिश करेंगी।