पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले गुलजार सिंह सुसाइड केस में अब एक नया मोड आ गया है। गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे ने जबरन अंतिम संस्कार की खबरों को अफवाह बताया था लेकिन अब वह इसके विपरीत बयान दे रहे हैं। उनके बेटे ने अब प्रशासन पर जबरन अंतिम संस्कार करवाने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन ने 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी का आश्वासन देने के बाद अंतिम संस्कार करवाया था लेकिन अब गुलजार सिंह की पत्नी और तीनों बेटों ने मीडिया के सामने आकर सरकार पर कई आरोप लगाए हैं।
परिवार का आरोप है कि प्रशासन ने परिवार के छोटे बेटे को गुमराह किया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया। जिस दिन गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार किया गया था उस दिन भी शमसान घाट पर जमकर हंगामा हुआ था। गांव वालों ने एक बार तो चिता की लकड़ियां उठाकर फेंक दी थी लेकिन बाद में परिवार के छोटे बेटे ने अंतिम संस्कार कर दिया था।
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अब क्या बोला परिवार?
अब परिवार सरकार और प्रशासन पर आरोप लगा रहा है कि पुलिस ने जबरन अंतिम संस्कार करवाया है। गुलजार सिंह के बेटे प्रभजोत सिंह ने कहा, 'प्रशासन ने धक्के के साथ अंतिम संस्कार किया और हमें कहा की नौकरी देंगे। पुलिस का दबाव बहुत ज्यादा था और बहुत ज्यादा फोर्स थी। परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार किया गया।' उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक के शक को घर तक भी नहीं लाने दिया गया और ना ही अंतिम बार उनका चेहरा देखने दिया। उनके शव पर परिवार को कपड़ा तक नहीं पाने दिया गया।
हरपाल चीमा की गिरफ्तारी की मांग
गुलजार सिंह के बेटे ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा, 'मौत से पहले बनाए वीडियो में मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मौजूदा सरपंच, सरपंच के पति और कुछ अन्य लोगों के नाम लिए थे। वीडियो के आधार पर इन सभी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए। चीमा साहब को भी अंदर जाना चाहिए। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक हम फूल चुनने और भोग डालने जैसी आगे की धार्मिक क्रियाएं नहीं करेंगे।'
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पूरा मामला समझिए
गुलजार सिंह पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले हैं और उनके गांव में 6 सितंबर को कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा की मीटिंग थी। इस मीटिंग में गुलजार ने सबके सामने नशे की शिकायत की थी। गुलजार ने त्री के पैर छूकर कहा कि नशा बंद करवा दो, मेरा बेटा रोज नशा करता है। अगर नशा खत्म हो गया है, तो उसे कहां से मिल रहा है? इस घटना के बाद वहां काफी विवाद हुआ।
परिवार का आरोप है कि पुलिस बाद में उसे अपने साथ ले गई और कुछ देर बाद छोड़ दिया। इसके बाद पंचायत के सदस्यों ने कथित तौर पर उसे धमकाया। गुलजार के परिवार का आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौच की गई और धमकी दी गई कि गुलजार का मुंह काला करके पूरे गांव में घुमाएंगे और माफी मंगवाएंगे। इसी बेइज्जती और डर के माहौल के कारण गुलजार दबाव में आ गया। इसी दबाव में गुलजार ने आत्महत्या कर ली और इससे पहले एक वीडियो जारी कर कई गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस पर जबरन अंतिम संस्कार करने के भी आरोप लगे। कांग्रेस नेता
राहुल गांधी
के ट्वीट के बाद से इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस हरपाल सिंह चीमा की गिरफ्तारी की मांग कर रही है।