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'पहले ही 9 केस...', जहर खाने वाले जग्गा सिंह के बारे में पुलिस ने क्या बताया?

पंजाब में रविवार को डीसी ऑफिस के बाहर एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। आरोप है कि वह ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठा रहा था और सरपंच उसे धमका रहा था।

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DC ऑफिस के बाहर युवक ने खाया जहर, Photo Credit: Social Media

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पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गुलजार सिंह सुसाइड केस से अभी पार्टी उभर भी नहीं पाई थी कि अब संगरूर के निवासी जग्गा सिंह ने डीसी ऑफिस के बाहर आत्महत्या की कोशिश की। जग्गा सिंह ने इलाके में बिक रहे नशे के खिलाफ आवाज उठाई थी और इसको लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था।  पीड़ित का आरोप है कि वीडियो सामने आने के बाद गांव का सरपंच और उसके साथी उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद उसने डीसी ऑफिस के बाहर ही जहरीली चीज खाकर आत्महत्या की कोशिश की। 

 

जग्गा सिंह का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह गांव के सरपंच पर आरोप लगा रहा है कि वह उसे नशे के खिलाफ नहीं बोलने दे रहा है और उसका वीडियो भी डिलीट करवा दिया है। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि सरपंच रिवॉल्वर लेकर मेरे घर आ गया। मुझे धमकाया और घर के CCTV कैमरे तोड़ दिए।

 

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क्यों खाया जहर?

जग्गा सिंह ने रविवार को डीएम ऑफिस के बाहर ही जहर निगल लिया, जिसके बाद उसे पटियाला मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। जग्गा ने कहा, 'मैं पंजाब सरकार में मंत्री व AAP के प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा को वीडियो दिखाने के लिए गया था, लेकिन मुझे रोककर DSP के पास भेज दिया गया। DSP ने SHO के पास जाने को कह दिया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजबूरन मुझे जहर निगलना पड़ा।'

पुलिस ने क्या बताया?

संगरूर की SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के बाहर जहर खाने वाले संगरूर के युवक जग्गा सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि अब वह खतरे से बाहर है। SSP के मुताबिक, जग्गा पर पहले से 9 मामले दर्ज हैं। 4 अन्य पर्चे हैं जो अंडरट्रायल हैं। जग्गा पर रेप का मामला भी पहले दर्ज हुआ था। 12 सितंबर को जग्गा ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की गई थी। उसमें उसने पुलिस को धमकाया किया था कि मेरे केस में यदि कार्रवाई नहीं की जाती तो मैं सुसाइड कर लूंगा।

 

SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने कहा कि किसी भी पब्लिक सर्वेंट को कोई भी काम करने के लिए मजबूर करना या ब्लैकमेल करना कानूनी जुर्म है। उसी दिन इस मामले में डीडीआर दर्ज कर इलाके के मैजिस्ट्रेट को सूचना दी गई। यह कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि पंचायत का कहना है कि उसे संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के शक के कारण रोका जाता था। SSP के अनुसार, इसी वजह से दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था और जग्गा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी।

 

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पत्नी की शिकायत पर FIR दर्ज

SSP रवजोत कौर ग्रेवाल ने बताया कि जग्गा सिंह की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है। हालांकि, पंचायत की ओर से FIR को गलत बताया गया है। पंचायत का दावा है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक तौर पर उकसाया गया था। पंचायत का कहना है कि जो भी कोई नशे का गांव में काम करता है, उसे रोका जाता है और जग्गा इसी बात को लेकर खफा था। 

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