ओडिशा के पुरी शहर में 9 जनवरी को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की फोर-व्हीलर गाड़ियों के लिए 24 घंटे का पार्किंग शुल्क 500 रुपये तय करने का फैसला किया। इस फैसले के बाद मंदिर प्रशासन को कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पार्किंग व्यवस्था को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया है।
SJTA के मुताबिक, मंदिर के चार भक्त निवासों में ठहरने वाले श्रद्धालुओं को भी 24 घंटे के लिए चार पहिया गाड़ी पार्क करने पर 500 रुपये देने होंगे, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल है। इस फैसले का विरोध नेताओं से लेकर आम श्रद्धालु तक कर रहे हैं और सभी इस पर दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं।
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अधिसूचना में दी गई जानकारी
एक अधिसूचना में SJTA ने कहा कि उसके चार ‘भक्त निवास’ में ठहरने वाले अतिथियों को 24 घंटे के लिए चार पहिया गाड़ी खड़ा करने पर 18 प्रतिशत जीएसटी (माल एवं सेवा कर) सहित 500 रुपये का भुगतान करना होगा। SJTA के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने कहा कि यह फैसला पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और पार्किंग जगहों के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। उनका कहना है कि इससे आने वाले लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में काफी सुधार होगा।
संबित पात्रा ने क्या कहा?
पुरी से बीजेपी के सांसद संबित पात्रा ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि सरकार ऐसा फैसला लेगी जो सभी के लिए खासकर गरीबों के लिए अच्छा होगा।
विपक्षी दलों की राय
पुरी से बीजू जनता दल (बीजद) विधायक सुनील कुमार मोहंती ने तत्काल इसे वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि पुरी और देश के अन्य हिस्सों में होटल पार्किंग के लिए मेहमानों से अलग से शुल्क नहीं लिया जाता है। उन्होंने कहा, ‘इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।’
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ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने इस कदम का विरोध किया है। उन्होंने इसे श्रद्धालुओं पर एक अनावश्यक खर्चा बताया है। उन्होंने इस फैसले को वापस लेने और लोगों के मुताबिक सुविधाएं देने की बात कही है।
भुवनेश्वर में बीजू जनता दल के उपाध्यक्ष संजय दास बर्मा ने भी भारी पार्किंग फीस को तत्काल लेने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि पहले ही भक्त निवास में रहना महंगा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों की धार्मिक भावनाओं से वित्तीय लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।
पुरी की जिलाधिकारी दिव्या ज्योति परिदा ने कहा कि प्रशासन इस निर्णय पर पुनर्विचार करेगा। आपको बता दें कि दिव्या SJTA की उप मुख्य प्रशासक भी हैं। उन्होंने कहा, 'हम पार्किंग शुल्क पर पुनर्विचार करेंगे। संबंधित अधिकारी से बात करने के बाद आपको सूचित किया जाएगा।'